सिवनी. वन, कृषि और पर्यटन से समृद्ध सिवनी जिले को विकास की दरकार है। सिवनी जिला मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जिसे सुनियोजित औद्योगीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर बाजार पहुंच और उन्नत सिंचाई व्यवस्था की आवश्यकता है। जिला आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्र में […]
सिवनी. वन, कृषि और पर्यटन से समृद्ध सिवनी जिले को विकास की दरकार है। सिवनी जिला मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जिसे सुनियोजित औद्योगीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर बाजार पहुंच और उन्नत सिंचाई व्यवस्था की आवश्यकता है। जिला आधारभूत सुविधाओं के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन, पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्र में आसपास के जिलों की तुलना में पिछड़ा हुआ है। लगभग 13 लाख से अधिक की आबादी वाला सिवनी जिले में जनप्रतिनिधियों के दावे और वादे तो दिखाई देते हैं, लेकिन विकास अब भी कोसों दूर है। जमीनी हकीकत यह है कि जिले में अब भी शासकीय स्कूलों की स्थिति काफी खराब है। उच्च शिक्षा को लेकर भी अब तक कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज की मांग तो कई बार की गई, लेकिन अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। जिले में सिंचाई के लिए प्रर्याप्त पानी न मिलने की समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। स्वास्थ्य सुविधा भी काफी लचर हैं। जिले के कई क्षेत्र में सडक़ों की दयनीय स्थिति किसी से छुपी नहीं है। इसके अलावा जिले में ऐसे कई स्थान हैं जिसे पर्यटन के क्षेत्र में विकसित किया जा सकता है। रोजगार को लेकर भी अब तक कोई सार्थक कदम नहीं उठाए गए हैं। उद्योगों की सख्त दरकार है।
सिवनी विधानसभा
सिवनी विधानसभा में किसानों के लिए सिंचाई एवं बिजली सबसे बड़ी समस्या है। वहीं पिछले वर्ष पेयजल व्यवस्था भी लडखड़़ा गई थी। इस पर भी कारगर काम करने की आवश्यकता है। लालमाटी क्षेत्र के किसानों के लिए तो काफी दिक्कत है। नहरों की स्थिति काफी जर्जर है। समय पर मरम्मत नहीं होने से खेती प्रभावित होती है। उद्योग इकाई न लगने के कारण बेरोजगारी गंभीर रूप ले चुकी है। शहर में अतिक्रमण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर करने की दरकार है। शहर में नालियां जाम हैं। ऐसे में बीमारी बढ़ रही है। खेल सुविधा भी सीमित है। इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज सहित उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की दरकार है।
केवलारी विधानसभा
केवलारी विधानसभा में बिजली, पानी का संकट बराबर बना हुआ है। पुल-पुलियों के निर्माण न होने से बारिश में स्थिति काफी खराब हो जाती है। छपारा में सिविल अस्पताल, संजय सरोवर भीमगढ़ बांध को पर्यटन के क्षेत्र में विस्तार करने की जरूरत है। नहर ही स्थिति काफी खराब है। सीमेंटीकरण न होने से हर वर्ष पानी की बर्बादी हो रही है। वैनगंगा नदी में मिट्टी जमा हो रही है। ऐसे में नदी नदी की गहराई कम हो रही है और जलस्तर कम हो रहा है। इसके अलावा धनौरा में शासकीय कॉलेज की घोषणा तो हुई, लेकिन क्रियान्वयन नहीं हुआ। कृषि आधारित क्षेत्र में उद्योगों की भी सख्त दरकार है। छपारा में वैनगंगा पुल के पास बड़ा स्टाप डेम व उच्च क्षमता का बिजली सब स्टेशन की दरकार है।
बरघाट विधानसभा
बरघाट विधानसभा क्षेत्र में धान की फसल काफी अच्छी होती है। विश्व प्रसिद्ध पेंच नेशनल टाइगर रिजर्व इसी इलाके में आता है। यहां पर पेंच जैसी नदियां हैं। यहां से रेत न सिर्फ जिले बल्कि दूसरे राज्य और जिलों में भी जाती है। इसके अलावा दो राज्यों के बीच अंतर्राज्यीय नाका है, जो हर महीने करोड़ों रुपए का राजस्व शासन को देता है। इसके बावजूद भी यहां के लोगों को प्रर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसान परेशान होते हैं। स्वास्थ्य सुविधाएं की भी स्थिति खराब है। पेयजल सप्लाई भी व्यवस्था अभी तक सही नहीं हो पाई है। रोजगार के लिए उद्योग धंधों की दरकार है। सडक़ एवं पुल-पुलिया निर्माण की भी जरूरत है। रेल सुविधाएं भी यहां नहीं है।
लखनादौन विधानसभा
लखनादौन विधानसभा के घंसौर विकासखंड में बरगी बांध से लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से पानी लाने का ख्वाब व मांग सालों बाद पूरी नहीं हो पाई है। इस क्षेत्र में भी शिक्षा, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। इसके अलावा पानी की बेहतर व्यवस्था, रोजगार के लिए उद्योगों की स्थापना, सडक़ों का निर्माण की जरूरत है।
बजट सत्र के लिए विधायकों ने लगाए 80 से अधिक सवाल
रजनीश सिंह(केवलारी विधानसभा)-25 सवाल
प्रश्न- पुल-पुलियों की स्थिति, शिक्षा उन्नयन, नहर के सीमेंटीकरण के कार्य, वन विभाग में पौधरोपण की स्थिति, पट्टे देने की स्थिति, विभागीय योजनाओं की स्थिति, स्वीकृति कार्य सहित अन्य विषयों पर सवाल पूछे हैं।
दिनेश राय मुनमुन(सिवनी विधानसभा)-48 सवाल
प्रश्न-नेशनल पार्क, गरीबी रेखा कार्ड, नहरों के मरम्मत कार्य, निर्धारित तिथि से पहले धान खरीदी की प्रक्रिया बंद करने का मुद्दा, पेयजल की स्थिति, मेडिकल कॉलेज अस्पताल का कार्य, स्कूलों की स्थिति, विभिन्न स्वीकृति कार्य की स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर सवाल लगाए हैं।
कमल मर्सकोले(बरघाट विधानसभा)-4 सवाल
प्रश्न-क्षेत्र में मादक पदार्थों को लेकर कार्रवाई की स्थिति, सडक़ निर्माण, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की स्थिति सहित अन्य मुद्दों पर सवाल लगाए हैं।
योगेन्द्र सिंह बाबा(लखनादौन विधानसभा)-5 सवाल
प्रश्न-बरगी बांध से लिफ्ट इरिगेशन के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी लाने, फ्लाई ऐश की समस्या, सडक़ निर्माण सहित अन्य मुद्दों पर सवाल लगाए हैं।