ऐसे में इन रिहायशी क्षेत्र में हल्की सी चिंगारी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। वहीं अगर इन दुकानों में आग लग जाए तो फायर विभाग की गाडिय़ों का पहुंचना भी मुश्किल है।
सिवनी. शहर में कई सकरे रास्ते में दुकानें संचालित हो रही हैं। अधिकतर दुकानदारों के पास आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं है। शहर में तंग गलियों में थोक मार्केट व बड़े गोदाम हैं। ऐसे में इन रिहायशी क्षेत्र में हल्की सी चिंगारी लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। वहीं अगर इन दुकानों में आग लग जाए तो फायर विभाग की गाडिय़ों का पहुंचना भी मुश्किल है। ऐसे में अगर भविष्य में आग की घटना हो जाती है तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता है। शहर के बुधवारी बाजार भी अग्निशमन विभाग की सुरक्षा की दृष्टि से महफूज नहीं है। कई वर्ष पूर्व में यहां आग भी लग चुकी है। उस दौरान अग्निशमन विभाग को कॉफी मशक्कत करनी पड़ी थी। बड़ा नुकसान होने के बाद बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन फिर सब भुला दिया गया। दुकानदारों का कहना है कि नगर पालिका और अग्निशमन विभाग को पहले से ही पुख्ता इंतजाम करने चाहिए। वहीं शुक्रवारी चौक, छोटी मस्जिद चौक, मिठाई गली, चावल मंडी सहित अन्य क्षेत्रों में आग लगने की घटना होने पर फायर विभाग की गाड़ी पहुंचनी मुश्किल है। शहर के संकरी गलियों में वर्षों पुराना बाजार बसा है। इसमें कपड़े, बर्तन, पेंट व चादरों सहित अन्य सामान की करीब 200 दुकानें हैं। संकरी गली का आलम यह है कि यदि एक बाइक घुस जाए तो सामने से दूसरी बाइक निकलना मुश्किल हो जाता है। दुकानों के बाहर रखे सामान ने रास्ता और संकरा कर दिया है। इसके अलावा कई क्षेत्र भी संकरा है। यहां चार पहिया वाहन निकलने का कोई साधन नहीं है। इन जगहों पर हमेशा भीड़ रहती है। इससे किसी भी समय हादसा हो सकता है।
फुटपाथ पर भी अतिक्रमण
शहर के बुधवारी बाजार, शुक्रवारी सहित कई क्षेत्रों में घने बाजार बने हुए हैं। यहां दुकानें एक दूसरे से सटकर बनी हुई हैं और फुटपाथों का भी अतिक्रमण कर लिया गया है। इसकी वजह से दोपहर और शाम के समय इन बाजारों में पैर रखने तक की जगह नहीं रहती है। वहीं बाजार में अधिकतर दुकान पर अग्निशामक यंत्र नहीं है। ऐसे में यदि आगजनी की घटना होती है तो इन बाजारों के अंदर फायर ब्रिगेड नहीं पहुंच पाती है।
नगर पालिका के पास चार बड़े दमकल वाहन
वर्तमान में नगर पालिका सिवनी के पास चार बड़े दमकल वाहन हैं। नपा में दमकल पर ड्यूटी पर रहने वाले अधिकतर कर्मचारी के पास सुरक्षा उपकरण भी नहीं दिखते हैं।सकरी गली में बड़ी फायर वाहन नहीं जा सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि नगर पालिका के पास फायर बाइक हों। वहीं विभाग दुकानदारों को भी अग्निशामक यंत्र रखने को लेकर जागरूक करे।
आग लगने के बाद होती है मांग
मार्च 2025 में छिंदवाड़ा रोड स्थित एक बाइक मैकेनिक की दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते लाखों का सामान जलकर खाक हो गया था। दुकान में स्पेयर पाटर््स, टायर सहित अन्य सामान थे। हालांकि फायर बिग्रेड की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आग पर लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया। इससे आसपास की दुकानों तक आग नहीं फैल पाई। इस घटना के बाद व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की थी।
इनका कहना है…
बाजार में आग बुझाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे। फायर स्टेशन की स्वीकृति मिल चुकी है। जल्द ही छोटा दमकल वाहन की खरीदारी भीा की जाएगी। बाजार में लोगों को और अधिक सुविधाएं व सुरक्षा देने के लिए सर्वे कराएंगे।
विशाल सिंह मर्सकोले, सीएमओ, सिवनी