दूसरे दिन दिखा बाघ

रविवार को सुबह के समय बाघ देखा गया। जिससे पर्यटकों के चेहरे पर खुशी देखी गई।

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Oct 02, 2016
patrika

सिवनी
. मानसून के बाद एक अक्टूबर से पर्यटकों के लिए पेंच नेशनल पार्क के गेट खुल गए हैं। शनिवार को साल की पहली सफारी का लुत्फ उठाने पहुंचे पर्यटकों को टाइगर के दीदार नहीं हो सके थे लेकिन दूसरे दिन पर्यटकों के लिए खुशी भरा रहा। दूसरे दिन सुबह के समय पर्यटकों को मायूस नहीं होना पड़ा। शनिवार को 114 पर्यटक पार्क गए थे तो वहीं रविवार को कुल 234 पर्यटकों ने पार्क में भ्रमण किया।

बारिश ने पूरे पार्क को हरा भरा कर दिया है। अपेक्षाकृत कम संख्या में पार्क पहुंचे पर्यटकों ने जंगल की नैसर्गिक खूबसूरती को करीब से देखा। पर्यटकों की तेंदुआ, बायसन, हिरण, चीतल, मोर इत्यादि वन्य जीवों को देखने की चाहत तो पूरी हो गई पर शनिवार को टाइगर किसी भी पर्यटक को सफारी के दौरान दिखाई नहीं दिया। एक अक्टूबर को सुबह और शाम दो शिफ्ट में करीब 114 देशी विदेशी पर्यटकों ने पार्क की सैर की वहीं रविवार को 234 सैेलानियों ने सैर की।

फिलहाल पर्यटकों के लिए रूट नंबर दो जो टुरिया से बाघिन नाला, पारदेव, अलीकट्टा होते हुए कर्माझिरी की तरफ जाता है, जिसे शुरू किया गया है। इसके अलावा मुख्य मार्ग भी खोल दिया गया है। रूट नंबर एक फिलहाल क्षतिग्रस्त रास्तों के कारण पर्यटकों के लिए शुरू नहीं हो सका है।

जिप्सी वाहनों ने 200 तो गाइड ने 60 रुपए बढ़ाए

नए सीजन में पर्यटकों को जंगल की सफारी के लिए ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ रही है। जिप्सी वाहन पिछले सीजन तक 2000 रुपए किराए पर पर्यटकों को सफारी करवा रहे थे। इस वर्ष शुल्क में 200 रुपए का इजाफा जिप्सी एसोसिएशन ने कर दिया है। एक अक्टूबर से इसे लागू कर दिया गया है वहीं गाइड एसोसिएशन ने भी शुल्क 300 से बढ़ाकर 360 रुपए कर दिया है।

रविवार को सुबह के समय बाघ देखा गया। जिससे पर्यटकों के चेहरे पर खुशी देखी गई। शनिवार को बाघ न देखे जाने के कारण पर्यटक मायूस नजर आए थे
Published on:
02 Oct 2016 08:07 pm
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