जिले से लगाातर घटते जंगल और बढ़ते मैदानी इलाकों से वन्यजीवों पर भी खतरा बना हुआ है। ऐसे में फिक्रमंद होकर महकमे ने हर वन परिक्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर फिर जंगल खड़े करने की योजना बनाई है। जिसके तहत जिले के सभी वन परिक्षेत्र अंतर्गत सागौन, सतकठा, बांस और दूसरे किस्म के पौधे लगाए जाने हैं।
जिले के दक्षिण सामान्य वनमंडल, उत्तर सामान्य वनमंडल के सभी परिक्षेत्र सहित पेंच पार्क के बाहरी खुले मैदानी इलाकों में हरियाली बढ़ाने की योजना पर काम किया है। फिलहाल सभी वन परिक्षेत्र में कचरा सफाई का काम शुरु किए जाने की तैयारी है। जिसमें मुख्य रुप से लेन्टाना हटाया जाएगा। पूरे जंगल की सफाई के बाद फरवरी-मार्च महीने में प्लांटेशन के लिए तय की गई जगहों पर गड्ढे करवाए जाएंगे।
इस जिले के सबसे अहम वन क्षेत्र सिवनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत बाम्हनदेही इलाके में प्लांटेशन के लिए 15 हेक्टेयर वन भूमि चिन्हित कर ली गई है। इस जमीन की सफाई करते हुए पौधा रोपण के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसमें आगामी महीनों में गड्ढे किए जाएंगे और उसके बाद मई-जून महीने में सागौन, सतकठा, बांस जैसे पौधे लगाए जाने हैं। हालांकि इस काम को पूरा होने में कम से कम छह महीना लग सकता है।
वन्यजीवों की मौत से जागा महकमा-
बीते कुछ वर्षों में सिवनी जिले में वन्यजीव बाघ, तेंदुआ, चीतल व अन्य जीव जंगल से खुले मैदान और रिहायशी इलाकों की ओर आने के मामले बढ़े हैं, जिसके कारण ये शिकार अथवा हादसे में मारे भी जा रहे हैं। इसी साल शहर के नजदीक छिडिय़ापलारी में तेंदुए का शिकार कर कुआं में फैंकने, पेंच से लगे इलाके में खेत के कुआं में, करंट से, डबरे में जहर मिले पानी से बाघ और शावकों की मौत हो चुकी है। वन्यजीवों की मौत से महकमा भी फिक्रमंद है, ऐसे में सुरक्षा के हर जरूरी उपाय अपनाए जा रहे हैं।
जंगल के मैदानी इलाके में पौधे लगाने हैं। बाम्हनदेही क्षेत्र में 15 हेक्टेयर जगह चिन्हित कर ली गई है, वहां प्लांटेशन की प्रारंभिक तैयारी की जा रही है।
रेंजर, वन परिक्षेत्र सिवनी
आने वाले महीनों में वन परिक्षेत्रों में प्लांटेशन होगा। वन क्षेत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी उपाय किए जा रहे हैं। इससे सम्बंधित योजना पर काम भी हो रहा है।