सिवनी

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नहीं हैं डॉक्टर, डिलीवरी की सुविधा बंद

मरीज हो रहे परेशान, स्टॉफ की भी कमी

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Sep 05, 2025

सिवनी. स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, बखारी में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। काफी समय से यहां न ही डॉक्टर पदस्थ हैं और न ही सहायक कर्मचारी। स्वास्थ्य केन्द्र में सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को हो रही है। मरीज स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचते हैं, लेकिन उचित इलाज व जांच की सुविधा न होने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि दो वर्ष पहले स्वास्थ्य केन्द्र में डिलीवरी की सुविधा बंद कर दी गई है। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को लंबी दूरी तय कर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। छह माह पहले ग्राम रामगढ़ ढाना की एक गर्भवती महिला को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया था, लेकिन यहां कोई महिला चिकित्सक न होने के कारण उसे छपारा ले जाया गया। हालांकि प्रसव पीड़ा ज्यादा होने के कारण महिला ने रास्ते में बच्चे को जन्म दिया। गनीमत रही कि मां और बच्चे की जान बच गई। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी दी गई थी, इसके बावजूद भी जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार ऐसी स्थिति बनी है, जब मरीजों की जान पर बन आई है।

जांच की भी नहीं है सुविधा
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जांच की भी प्रतिदिन सुविधा नहीं है। जबकि पहले यहां पर जांच के लिए नियमित कर्मचारी होता था। अब सप्ताह में मात्र एक दिन ही जांच की जा रही है। जबकि स्वास्थ्य केन्द्र पर काफी संख्या में आबादी निर्भर है।

चिकित्सक का पद खाली
सात माह पहले स्वास्थ्य केन्द्र में एक डॉक्टर पदस्थ किए गए थे, लेकिन वे भी आगे की पढ़ाई के लिए चले गए हैं। जिसके बाद चिकित्सक का पद खाली पड़ा हुआ है। आयुष विभाग के डाक्टर सुरेंद परते अपनी सेवा दे रहे हैं। साथ ही एकमात्र स्टाफ नर्स व भृत्य यहां पर पदस्थ हंै। दो साल पहले महिला चिकित्सक का स्थानांतरण होने के बाद किसी महिला चिकित्सक की पदस्थापना भी नहीं की गई है। इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है। ग्राम वासियों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में चिकित्सको की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। स्वास्थ्य केन्द्र में 56 से अधिक गांव के लोग इलाज कराने आते हैं।

प्रतिमाह होती थी 20 से 30 डिलीवरी
समाजसेवी एड. आनंद कुमार साहू, मनोज कुमार साहू सहित अन्य ग्रामवासियों ने बताया कि वर्ष 2015 से 2020 तक प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डिलीवरी प्वाइंट था। प्रतिमाह में 20 से 30 गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी होती थी। इसके बाद महिला चिकित्सक का ट्रांसफर होने के बाद सुविधा बंद कर दी गई। इस संबंध में समाजसेवी संस्था ने गोपालगंज के बीएमओ, सीएमएचओ, जनप्रतिनिधियों से मिलकर महिला चिकित्सक की पदस्थापना की मांग की थी, लेकिन अब तक कार्यवाही नहीं हुई।

इनका कहना है…
प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में जल्द ही सुविधा एवं डॉक्टर की पदस्थापना की जाएगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है।
डॉ. जयपाल सिंह ठाकुर, सीएमएचओ

Published on:
05 Sept 2025 05:07 pm
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