
सिवनी. कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय सिवनी का विस्तृत निरीक्षण कर शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सम्पूर्ण विद्यालय परिसर का भ्रमण करने के साथ ही कक्षावार दर्ज विद्यार्थियों की संख्या, उनकी उपस्थिति तथा शिक्षकों की उपलब्धता की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय की रसायन, भौतिकी एवं जीव विज्ञान प्रयोगशालाओं के साथ-साथ पुस्तकालय का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
अटल टिंकरिंग लैब का भी अवलोकन
12वीं के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उनके भविष्य, रुचियों और करियर विकल्पों पर चर्चा की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने और अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य को आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और उद्यमिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों के साथ प्रयोग करने और अपने विचारों को वास्तविक मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि विषयवार उत्कृष्ट शिक्षकों के अध्यापन कार्य के वीडियो तैयार कर उन्हें जिले के अन्य विद्यालयों तक पहुंचाया जाए, ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धतियों का व्यापक स्तर पर लाभ विद्यार्थियों को मिल सके।
बच्चों की संख्या कम मिलने पर जताई नाराजगी
कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार को विकासखंड सिवनी अंतर्गत प्राथमिक शाला कोहका का औचक निरीक्षण कर विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों तथा मूलभूत सुविधाओं का अवलोकन किया। कलेक्टर ने विद्यालय में दर्ज विद्यार्थियों की तुलना में उपस्थित बच्चों की संख्या अपेक्षित नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शिक्षकों को अनुपस्थित बच्चों एवं उनके परिजनों से नियमित संपर्क स्थापित कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आसपास के क्षेत्रों का सर्वे कर विद्यालय से बाहर रह गए बच्चों की पहचान करने एवं उनका नामांकन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाठ्यपुस्तक वितरण की स्थिति, स्मार्ट क्लास के क्रियान्वयन एवं अन्य शैक्षणिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने कक्षा में उपस्थित बच्चों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया एवं पाठ्यक्रम के अनुरूप विद्यार्थियों से वाचन कराकर उनकी शैक्षणिक प्रगति का परीक्षण किया। कलेक्टर ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं विद्यालय में बेहतर शिक्षण वातावरण विकसित करने के निर्देश दिए।