इसके बाद जांच की गई तो पता चला कि, किसान के नंबर का कोई गलत इस्तेमाल कर रहा है। किसान के मोबाइल नंबर का क्लोन बनाकर आरोपी अपने एंड्रायड मोबाइल से व्हाट्सएप चला रहा है। अबतक की जांच में ये स्पष्ट हुआ है कि, व्यवसाई को जो धमकी भरा वॉट्सएप कॉल आया था, वो सिवनी से नहीं बल्कि विदेश से किया गया था। काफी छानबीन के बाद ये स्पष्ट हुआ कि, किसान की इसमें कोई भूमिका नहीं है।