
सिवनी. कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार को माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर, सिवनी का औचक निरीक्षण कर शैक्षणिक व्यवस्थाओं, छात्राओं की उपस्थिति तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कक्षावार दर्ज छात्राओं एवं उपस्थित छात्राओं की जानकारी प्राप्त की।
कोई भी छात्रा शिक्षा से न रहे वंचित
इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि 16 जून से विद्यालय संचालन प्रारंभ होने के बावजूद अधिकांश छात्राएं अब तक परिसर में वापस नहीं लौटी हैं। दर्ज छात्राओं की तुलना में उपस्थिति कम पाए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राचार्य एवं शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक छात्रा और उनके अभिभावकों से व्यक्तिगत रूप से संपर्क स्थापित कर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें। उन्होंने घर-घर संपर्क, दूरभाष के माध्यम से संवाद एवं सतत फॉलोअप की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि कोई भी छात्रा शिक्षा से वंचित न रहे। विद्यालय प्रबंधन नियमित रूप से उपस्थिति की समीक्षा करे तथा अनुपस्थित छात्राओं को शीघ्र विद्यालय से जोड़े।
अनुपस्थित शिक्षकों पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षक रोशनी जैन, श्वेता जैन एवं भावना चौरसिया अनुपस्थित पाई गईं। इस पर कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों के अनुपस्थित अवधि को अवैतनिक किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शैक्षणिक गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा एवं शिक्षकों को समयबद्ध और जिम्मेदारीपूर्ण ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
शाला पहुंच मार्ग का कार्य शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसर तक पहुंच मार्ग की स्थिति का भी अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहुंच मार्ग की स्वीकृति उपरांत निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, ताकि छात्राओं एवं शिक्षकों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए आधारभूत सुविधाओं का सुदृढ़ होना आवश्यक है और इस दिशा में सभी आवश्यक कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएं।
शिक्षा की गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग पर जोर
कलेक्टर ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिए कि छात्राओं की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण और शैक्षणिक गतिविधियों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए विद्यालय, शिक्षक, अभिभावक और प्रशासन के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।
Updated on:
20 Jun 2026, 11:52 AM IST
Published on:
20 Jun 2026, 11:52 AM IST
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