जब सीधे-सादे शिक्षक को आया गुस्सा…

प्रिंसिपल को हाथ-पैर तोडऩे की धमकी, शिक्षक निलंबित
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Updated: 15 Sep 2016, 11:34 AM IST
loggerheads Teacher
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सिवनी.
दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण एक सीधे-सादे शिक्षक को इतना गुस्सा आया कि वो सरेआम प्राचार्य पर भड़क गया और गाली-गलौच कर तीन दिन में वेतन न मिलने पर हाथ-पैर तोडऩे की धमकी तक दे डाली। मामला गर्माया और जिला शिक्षा अधिकारी तक बात पहुंची तो जांच कराई गई। शिक्षक पर मर्यादा से बाहर जाकर कर्तव्य की अवहेलना किए जाने का दोषी पाते हुए निलंबित कर दिया गया।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केवलारी में सहायक शिक्षक (विज्ञान) सीएल उइके द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों एवं दायित्वों के निर्वाहन में अनियमितता एवं लापरवाही बरती जाने, अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों-निर्देशों का पालन न कर उनसे अभद्रतापूर्ण व्यवहार कर मारने-पीटने की धमकी दिए जाने से सम्बंधित शिकायत प्राचार्य शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केवलारी द्वारा उनके पत्र क्रमांक 235 दिनांक 20 जून 2016 को इस कार्यालय को प्राप्त हुई।

डीईओ ने बताया कि शिकायत की जांच कराए जाने पर सीएल उइके के विरुद्ध की गई शिकायत में सत्यता पाई गई। तत्सम्बंध में उइके को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 3215 दिनांक 13 जुलाई 2016 के द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर जवाब चाहा गया था। सम्बंधित द्वारा प्रस्तुत जवाब आंशिक संतोषप्रद नहीं था अर्थात समाधानकारक नहीं पाया गया। सम्बंधित का यह कृत्य मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 1,2,3 के विपरीत होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है।

इसलिए मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम 9 के प्रावधान अनुसार सीएल उइके सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इन्हें नियम अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी। निलम्बन अवधि में इनका मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बरघाट तय किया गया है।

आर्थिक समस्या से जूझ रहा था शिक्षक-

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय केवलारी में विज्ञान विषय पढ़ाने वाले सहायक शिक्षक सीएल उइके आम तौर पर सीधे व मृदुभाषी हैं, किंतु उन्हें 2 माह का वेतन नहीं मिला, जिससे आर्थिक समस्या आ रही थी, इस स्थिति से जूझते वे संयम खो बैठे। इधर प्रभारी विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं प्राचार्य एसपी सरेयाम का कहना है कि वेतन भुगतान में विलंब तकनीकी कारणों से भोपाल से हो रहा था, लेकिन शिक्षक ने उन्हें सार्वजनिक रुप से अपमानित किया, जिससे कार्रवाई के लिए पत्र लिखना पड़ा।

इनका कहना है-

उक्त शिक्षक ने दो माह के वेतन भुगतान में विलंब के कारण भावावेश में आकर अभद्रता की हद पार कर दी थी। कई अन्य का भी वेतन रुका था।

एसपी सरेयाम, प्राचार्य उत्कृष्ट विद्यालय केवलारी।

इनका कहना है-

यह सही है कि बिना वेतन के शिक्षक को आर्थिक समस्या हो सकती है, किंतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात कहनी थी, सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन करने पर शिक्षक को निलंबित किया है।

एन पटले
जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी
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