डरा हुआ है पूरा क्षेत्र
डिंडोरी- डिंडोरी के एक सरकारी स्कूल में इन दिनों अजीबो गरीब स्थिति है। अगर स्कूल में बैठी लड़की अचानक झूमने लगे और बेहोश हो जाए तो आप उसे क्या कहेेंगे। कुछ ऐसी ही स्थिति से इन दिनों डिंडोरी का ये स्कूल गुजर रहा है। छात्राओं की इस तरह की अजीबोगरीब हरकत से पूरा गांव और स्कूल के शिक्षक परेशान हैं। किसी को कुछ समझ ही नहीं आ रहा है । आखिर ये हो क्या रहा है। दरअसल कुछ छात्राएं स्कूल में अजीबो गरीब हरकरें कर रही हैं। ये सिलसिला पिछले कई दिनों से चल रहा है।
इस स्थिति के बाद धुर्रा गाँव के हाईस्कूल छात्राओं को स्कूल प्रबंधन ने उनके परिजनों को बुलाकर झाडफ़ूंक के लिए घर भेज दिया है। गौरतलब है कि इन दिनों अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। और जब परीक्षा देने के लिए छात्राएं स्कूल पहुंचती हैं। तो वो अचानक ही बेहोश हो जाती है, झूमने लगती हैं । उन्हें होश में लाने के लिए शिक्षकों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। स्कूल प्रबंधन कई बार इस घटना के बाद स्कूली छात्राओं को प्रेतबाधा का शिकार मानते हुए गुनिया और पंडों से झाडफ़ूंक भी करवा चुका है। लेकिन छात्राओं को कोई फायदा नहीं हुआ। इतना ही नहीं परिजन अस्पताल में इलाज के लिए भी जा चुके हैं। जहां इनका इलाज भी कराया जा चुका है। फिर भी स्कूली छात्राओं की ये अजीबोगरीब स्थिति खत्म नहीं हो रही है।
हैरानी वाली बात ये है की स्कूल प्रबंधन और पंचायत के मुखिया इसे प्रेत बाधा मानकर अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे हैं। स्कूल में छात्राओं की अजीबोगरीब हरकत पिछले कई दिनों से चल रही है। और ये कोई पहला मामला भी नहीं है। जहां छात्राओं की अजीब हरकतें सामने आईं हों। इसके पहले भी डिंडोरी के कई स्कूल की छात्राएं भी इस तरह की अजीबो- गरीब हरकतें कर चुकी हैं। और इनका भी गुनियों और पंडों को बुलाकर झाडफ़ूंक कराया जा चुका है।
इधर गाँव के सरपंच भी स्कूली छात्राओं की इस तरह की हरकत को प्रेतबाधा बता रहे हैं सरपंच का कहना है कि स्कूल के पास मरघट होने की वजह से छात्राएं प्रेत बाधा की शिकार हो रही हैं। हालांकि इस पूरे मामले को एग्जाम फोबिया भी माना जा सकता है अक्सर परीक्षाओं के समय स्कूलों में इस तरह के हालात सामने आते हैं।