शहडोल

5 साल में रुपए दोगुने करने के लालच में, 11 लाख रुपए लेकर भागी कंपनी, टूटे सपने, बच्चों की छूट गई पढ़ाई

Chit Fund Fraud: चिटफंड के मकड़जाल में उजड़ा एमपी के अनूपपुर का परिवार, पीड़ितों की ये कहानी कर देगी हैरान...
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Updated: 9 Apr 2025, 9:44 AM IST
Chit Fund Fraud patrika abhiyan
Chit Fund Fraud patrika abhiyan

Chit Fund Fraud: कम समय में दोगुना मुनाफा का सब्जबाग दिखाकर चिटफंड कंपनियों ने लोगों के अरमान लूट लिए। पहले एजेंटों के जरिए फर्जी कंपनियों ने लोगों के अरमान समझे और फिर उन्हें शब्दों की उड़ान दी। दावा किया पांच साल में राशि दोगुनी होगी। इस दावे ने लोगों के सपने को पंख दिए और उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई चिटफंड कंपनियों में लगा दी। बस! फिर क्या, साल बीतते गए और पांच साल बाद कंपनियां करोड़ों रुपए बटोरकर गायब हो गई। अनूपपुर के दुलही बांध गांव के सोहनलाल ने 11 लाख रुपए गंवा दिए। अब उनके बच्चों की पढ़ाई अधूरी है। पूरा जीवन अस्तव्यस्त हो गया है।

2017 में जागी उम्मीद, 2022 में जीवन शून्य पर आ गया

अनूपपुर जिले के दुलही बांध गांव के सोहनलाल को 17 मार्च 2017 को शांति जीवन रियलिटी एंड ग्लोबल मार्केटिंग कंपनी के एजेंट रामकृष्ण कश्यप और मैनेजर विनोद सिंह ने सब्जबाग दिखाया। कहा, स्कीम में रुपए लगाने पर पांच साल में राशि दोगुनी हो जाएगी। सोहनलाल ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए 11 लाख रुपए स्कीम में लगा दी। उम्मीद थी कि 2022 में उन्हें 22 लाख रुपए मिलेंगे। इससे बच्चों की शादी, पढ़ाई हो जाएगी। 2022 में रुपए मांगे तो कंपनी ने टालमटोल किया। महीनों बीते, पर राशि नहीं मिली। तब उन्होंने कोतमा थाने में शिकायत की।

गिरफ्तारी हुई, नहीं मिले रुपए

पुलिस ने एजेंट और मैनेजर को गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन पैसों की वापसी नहीं हो सकी। सोहनलाल के 11 लाख रुपए डूब गए। अब सोहनलाल का परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। बच्चों की पढ़ाई अधूरी है। भविष्य अधर में लटका है।


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9 Apr 2025, 9:44 AM IST
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