अस्थाई ट्रेंचिंग ग्राउण्ड से 10 हजार टन लिगेसी वेस्ट के निदान की कवायदबदले जाएंगे पुराने डस्टबिन, लिगेसी वेस्ट से बैकलेन तक, नपा ने झोंकी पूरी ताकतशहडोल. शहर को गंदगी के बग्स से मुक्त कर एक क्लीन कोड की तरह चमकाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अब तक वन-स्टार रेटिंग पर टिकी नगर पालिका ने […]
अस्थाई ट्रेंचिंग ग्राउण्ड से 10 हजार टन लिगेसी वेस्ट के निदान की कवायद
बदले जाएंगे पुराने डस्टबिन, लिगेसी वेस्ट से बैकलेन तक, नपा ने झोंकी पूरी ताकत
शहडोल. शहर को गंदगी के बग्स से मुक्त कर एक क्लीन कोड की तरह चमकाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। अब तक वन-स्टार रेटिंग पर टिकी नगर पालिका ने इस बार सीधे 5-स्टार रेटिंग का लक्ष्य साधा है। मार्च में आने वाली नेशनल टीम के सामने खुद को साबित करने के लिए 12,500 अंकों की इस महा-परीक्षा की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है।
पुराने और टूटे हुए डस्टबिन अब शहर की तस्वीर नहीं बिगाड़ेंगे। नगर पालिका इन्हें नए डस्टबिन से रिप्लेस कर रही है। इसके अलावा नालियों के कचरे को सडक़ पर आने से रोकने के लिए उनमें विशेष स्क्रीन और जाली लगाई जा रही है। पिछले सर्वेक्षण में जिन बिंदुओं पर नंबर कटे थे, उन्हें डिबग किया जा रहा है ताकि इस बार रैंकिंग में कोई चूक न हो।
अक्सर मुख्य सडक़ें तो चमक जाती हैं, लेकिन वार्डों के पीछे की गलियां कचरे का डंपिंग यार्ड बन जाती हैं। नपा ने शहर के 39 वार्डों में एक-एक बैकलेन चिह्नित की है। उन संकरी गलियों की सफाई शुरू की गई है जहां कचरा गाडिय़ां नहीं पहुंच पाती थीं। साथ ही, शहर के 8 सार्वजनिक सुविधाघरों का कायाकल्प कर उन्हें मॉडर्न लुक दिया जा रहा है।
सर्वेक्षण में सबसे बड़ा दांव ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर है, जिसके अकेले 1500 अंक हैं। जमुआ स्थित अस्थाई ट्रेंचिंग ग्राउंड में जमा 10 हजार टन लिगेसी वेस्ट (पुराना कचरा) अब नपा के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। एमआरएफ एजेंसी को टीन शेड बढ़ाने और बैलिंग-कंपोस्ट मशीनों को पूरी क्षमता से चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जमा कचरे के वैज्ञानिक निष्पादन की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि टीम के आने से पहले ग्राउंड जीरो वेस्ट की ओर बढ़ सके।
इनका कहना है
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर हमने तैयारियां शुरू कर दी हंै। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ ही नगर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने कार्ययोजना बनाकर कार्य किया जा रहा है।
पुनीत त्रिपाठी, नोडल अधिकारी नगर पालिका