एक दिन में हो गई 60 मिलीमीटर बारिश, शहर की सड़कों पर भरा पानी, धान के लिए फायदेमंद तो दलहनी फसलो के लिए नुकसानदायक बारिश
शहडोल. जिले में हो रही लगातार बारिश से जहां एक ओर आम जन-जीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर खेती किसानी के काम में व्यवधान आया है। बाणसागर डेम भी इस जोरदार बारिश में लबालब हो गया है। यदि अब और बारिश होती है तो बाणसागर के गेट खोलने पड़ सकते हैं। बीती रात करीब 12 बजे से शुरू हुई बारिश दूसरे दिन शुक्रवार को देर शाम तक नहीं रुकी। इस दौरान जिले में करीब तीन इंच बारिश हो गई। जिससे जिले के नदी नाले उफान पर आ गए और शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। बारिश के दौरान नगरीय प्रशासन का अमला कई स्थानों पर बारिश के पानी के निकासी की व्यवस्था करता देखा गया। बारिश से लोगों का काफी नुकसान हुआ है। जानकारों का कहना है कि इस बार अच्छी बारिश हुई है, मगर अब खेती किसानी के लिए लगातार बारिश की आवश्यकता नहीं है। संभागीय मुख्यालय की टांकी व मुडऩा नदी सहित सोन नदी भी उफान पर आ गई। टांकी नदी में सुबह से ही पानी पुल के उपर से बहने लगा था, यहां पर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किए गए और लोग जान जोखिम में डाल कर पुल पार करते देखे गए। मुडऩा नदी में जल भराव काफी ज्यादा रहा और पानी की तेज धारा में आसपास की गंदगी बहती नजर आई। इसी तरह शहर के कन्या महाविद्यालय के सामने, जेल बिंडिंग के बगल में, पीली कोठी के सामने, पुराने नपा के सामने, गांधी चौराहा, अण्डर ब्रिज, पोण्डा नाला और डिग्री कॉलेज हॉस्टल रोड में जल भराव होने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
स्कूल की दीवार गिरने से बालिका घायल
खैरहा. सोहागपुर जनपद के खैरहा गांव में संचालित मिडिल स्कूल की दीवार अचानक गिर गई। जहंा से गुजरने वाली 12 वर्षीय बालिका सोनम बुनकर दीवार के मलबे में दबकर घायल हो गई। स्थानीय लोगो ने बताया कि स्कूल की बाउंड्री काफी जर्जर हो गई थी। घटना के बाद लोगो की मदद से लड़की को मलवे से निकाला गया और उसे इलाज के लिए जिला अस्पलात भेजा गया है। मलवे में दबने से मासूम के कमर से नीचे वाले हिस्से में गंभीर चोंट आई है। मासूम की हालत नाजुक बताई जा रही है।
करंट से एक मवेशी मृत
समीपी ग्राम कोटमा के कुदरा टोला में विद्युत विभाग की लापरवाही उस समय उजागर हुई, जब बीती रात पेड़ गिरने से टूटी बिजली तार की चपेट से एक मवेशी की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से घायल है। ग्रामीणों ने बताया है कि रात में बिजली विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी पूरी रात टूटी तार में करंट दौड़ता रहा और सुबह दो मवेशी उसकी चपेट में आ गए। जिले में 7 सितम्बर तक सर्वाधिक वर्षा बुढ़ार क्षेत्र में जिले में 7 सितम्बर तक 922.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में 642.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गयी थी। जिले में विगत 24 घण्टे में 54.5 मि.मी औसत वर्षा दर्ज की गई है। वर्षामापी केन्द्र सोहागपुर में 58 मि.मी., बुढ़ार में 93 मि.मी., गोहपारू में 58 मि.मी, जैतपुर में 72 मि.मी., ब्यौहारी में 30 मि.मी. तथा जयसिंहनगर में 16 मि.मी. वर्षा दर्ज की गयी है। सर्वाधिक वर्षा 93 मि.मी. वर्षा बुढ़ार में दर्ज की गई है।
दलहनी फसलों को नुकसान
ग्राम अमरहा के कृषक अशोक सिंह जोधावत ने बताया है कि अभी खेती किसानी के लिए लगातार बारिश की कतई जरूरत नहीं है। यह बारिश धान के लिए तो फायदेमंद है, मगर दलहनी उड़द,सोयाबीन व तिल की फसल के लिए काफी नुकसानदायक है। इन फसलों में फल्लियां लगने का समय है, जो बारिश से गिर रही है। कृषि विस्तार अधिकारी अखिलेश नामदेव ने बताया है कि लगातार बारिश से सोयाबीन की फसल में चारकोल रॉट का प्रकोप बढ़ सकता है। इसके लिए किसानों को फंफूद नाशक दवाओं का डेन्चिंग या छिड़काव करना चाहिए।
गांवों से संपर्क टूटा
रसमोहनी जैतपुर तहसील के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में भारी बारिश से नालों का पानी रपटे के ऊपर से बह रहा है। जिससे कई गांवों का आवागमन तहसील मुख्यालय से टूट गया है। बताया गया है कि रसमोहनी से अमहा व बरगवां मार्ग बंद है। जिससे एक दर्जन गावों का संपर्क शहर से टूट चुका है। इसी तरह जैतपुर से रसमोहनी मार्ग पर भीखमपुर बांध के रपटा के ऊपर से पानी होने से मोटर साइकिल आने जाने परेशानी हो रही है। इसके बाद भी आने-जाने वाले खतरे से खेल रहे है, लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं है।
अधिकारियों को दिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अनुभा श्रीवास्तव ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुये आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सजग रहने तथा बाढ़ संबंधी जानकारियां तत्काल कंट्रोल रूम को भेजने के निर्देश दिये हैं। जिससे जानमाल के नुकसान को समय रहते कार्यवाही कर बचाया जा सके। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मार्ग में पडऩे वाले पुल,पुलियों पर सतत निगरानी रखें तथा आवश्यक बैरीकेट्स की व्यवस्था कर अमले को तैनात करें। कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री बाणसागर जलाशय को निर्देशित किया है कि बांध के निचले स्तर के ग्रामों में जानमाल की सुरक्षा हेतु समस्त तैयारी रखें एवं मुनादी कराकर जनसामान्य को इसकी सूचना दें।
आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण समिति का गठन
शहडोल .कलेक्टर अनुभा श्रीवास्तव ने जिले में अतिवर्षा एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने हेतु समिति का गठन किया गया है। समिति में अशोक ओहरी अपर कलेक्टर कार्यालय का फोन नम्बर 0762-245312 तथा मोबाईल नम्बर 9589311777, अधीक्षक भू-अभिलेख प्रदीप कुमार मोगरे फोन नम्बर 07652-245378 तथा मोबाईल नम्बर 8770856195, कमाण्डेंट होमगार्ड के कार्यालय का नम्बर 07652-240324 मोबाईल नम्बर 7049163486 तथा प्रभारी लिपिक राहत शाखा का मोबाईल नम्बर 7987444541 है।