छान मार जंगल का कोना कोना और निकला बिल्ली का बच्चा

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, पहचान के लिए देहरादून भेजी जानकारी

2 min read
Oct 15, 2015
Kitten photo
forest photo
शहडोल. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कलवाह-मगधी सीमावर्ती क्षेत्र में पेट्रोलिंग रास्ते के किनारे मंगलवार की दोपहर 6 इंच लंबाई का शावक मिला। वनकर्मियों ने को शावक देखते ही बाघ का होने की संभावना जताते हुए सूचना रेंजर से लेकर दूसरे आला अधिकारियों को दी। घने जंगल में मचखेता मार्ग पर मिले शावक का जन्म 20 से 25 दिन पहले होने की संभावना जताई गई। चूकि बाघिन अपने शावकों को ढाई से तीन माह तक गुफा व दूसरे निर्जन स्थानों से बाहर नहीं निकलती। ऐसे में बेहद कम उम्र के इस शावक की पहचान करना मुश्किल हो गया। शावक मिलने की सूचना पार्क के फील्ड डायरेक्टर तक पहुंची और वे फौरन मौके के लिए रवाना हुए। करीब 4 घंटे से ज्यादा समय तक चले जद्दोजहद के बाद शावक की पहचान जंगली बिल्ली के बच्चे के रूप में हुई, लेकिन अधिकारिक पुष्टि के लिए जानकारी वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट आफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई)देहरादून व दूसरे संस्थानों को भेजा गया है।

मंगलवार की शाम जब मचखेता मार्ग पर शावक दिखा तो गंभीर अवस्था में था। उसकी सांसे तेज चल रही थी और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गई। जिसके बाद शावक के शव को ताला लाकर वन्यप्राणी चिकित्सा केंद्र में रखा गया। शावक की पहचान बाघ व बिल्ली के बच्चे के बीच में होने से कारण गंभीर माना जा रहा है। इस कारण पार्क प्रबंधन भी पूरे मामले में फंूक फंूक कर कदम रख रही है। शावक बाघ का निकलता है तो मृत शावक में उसकी जानकारी दर्ज कर भोपाल तक भेजी जाएगी। ऐसे में शव की अधिकारिक पुष्टि न होने तक शव को फ्रीजर में रखा गया है।

फ्रीजर में रखा है शव
कलवाह-मगधी रेंज के सीमावर्ती क्षेत्र में मिले शावक को बिल्ली का बच्चा बताया जा रहा है। अधिकारिक पुष्टि के लिए जानकारी भेजी गई है। शावक के पहचान की अधिकारिक पुष्टि वन्यप्राणी चिकित्सक करेंगे। इसके बाद ही अंतिम संस्कार व दूसरी कार्रवाई की जाएगी।
के. रमन संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व।
Published on:
15 Oct 2015 11:16 pm