
शहडोल- भारत बंद के आव्हान को लेकर पुलिस और प्रशासन मंगलवार को पूरी तरह से अलर्ट रही। हालांकि जिले में भारत बंद का कोई असर नहीं देखने को मिला। सोशल मीडिया में अपील के बाद मंगलवार की सुबह शहर और कस्बों में संचालित दुकानें बंद रहीं लेकिन धीरे- धीरे दोपहर होते तक प्रतिष्ठान एक के बाद एक खुल गए। सुरक्षा के मद्देनजर गली चौराहों में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह चौकस रही।
शहर और कस्बों में पुलिस पेट्रोलिंग वाहन गश्त करते रहे और हर गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। अधिकारी भी प्वाइंट टू प्वाइंट जानकारी कर्मचारियों से ले रहे थे। कमिश्नर, डीआईजी, कलेक्टर, एसपी और एएसपी शहर में मूवमेंट करते हुए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। जिले में किसी भी संगठन ने किसी तरह का प्रदर्शन नहीं किया और न ही रैली और जुलूस निकाले गए।
दो अप्रैल के बाद से लगातार सोशल मीडिया के हर मैसेज और पोस्ट पर साइबर टीम की नजर बनी हुई थी। हर गतिविधियों का अपडेट लिया जा रहा है। हर मैसेज पर पुलिस अलर्ट थी। मंगलवार को भी साइबर की टीम दिनभर खंगालती रही। सोशल मीडिया में भड़काऊ मैसेज और पोस्ट करने वालों को समझाइश भी दी गई।
20 घंटे में 2 हजार वाहनों की जांच
सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार मंगलवार की दरम्यानी रात तीन बजे से ही पुलिस ने वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी थी। शहर और जिले की सीमाओं पर किलेबंदी करते हुए वाहनों की जांच की जा रही थी। आरआई सत्यप्रकाश मिश्रा के अनुसार पूरे जिले में 2 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच की गई। हाइवे पर भी चौकसी रही। डॉग स्क्वाड अमला और बम निरोधक दस्ता की टीम वाहनों की जांच करती रही।
पीटीएस और फारेस्ट की भी मदद ली दो अप्रैल की हिंसा के बाद सुरक्षा को लेकर जिले में कड़ी व्यवस्था की गई थी। यहां पर पुलिस टे्रनिंग स्कूल उमरिया, वन विभाग का सहयोग लेने के अलावा 600 जवानों की निगरानी थी। इसके अलावा एक दर्जन से ज्यादा पेट्रोलिंग पार्टियां घूम-घूमकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रही थी। हालांकि कहीं कोई घटना नहीं हुई। प्रशासन की ओर से भी मजिस्ट्रेट और कई राजस्व अधिकारियों का मूवमेंट था।
कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं
शहडोल एसपी सुशांत सक्सेना ने कहा सुरक्षा के मद्देनजर शहर और कस्बों में पुलिस की चौकसी थी। रात तीन बजे से ही चौकसी करते हुए वाहनों की जांच की जा रही थी। संगठनों के हर गतिविधियों पर नजर थी। कहीं पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
नहीं था प्रदर्शन, रही सुरक्षा व्यवस्था
कलेक्टर नरेश कुमार पाल के मुताबिक जिले में किसी तरह का प्रदर्शन नहीं था। हर गतिविधियों की जानकारी प्वाइंट टू प्वाइंट ली जा रही थी। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत थी। किसी तरह की घटना नहीं हुई।