
शहडोल. पटवारी बनने की परीक्षा निपटते ही अधिकारी बनने की कवायद शुरू हो गई है। युवा अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में बैठने जा रहे हैं। इसके लिए सरकार ने २०० से अधिक पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इसमें एसडीएम और डीएसपी से लेकर 15 विभाग में रिक्तियां निकालीं हैं। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2018 और राज्य वन सेवा परीक्षा 2018 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा का प्री एग्जाम 18 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य वन सेवा की परीक्षा भी आयोजित होगी।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक राज्य सेवा परीक्षा 202 पदों के लिए आयोजित की जाएगी, जिसमें डिप्टी कलेक्टर के 27 पद एवं उप पुलिस अधीक्षक के 10 पदों सहित कुल 15 विभागों की सेवाओं के लिए भर्ती की जाएगी। इसके अलावा राज्य वन सेवा के लिए सहायक वन सरंक्षक के 6 पद एवं वन क्षेत्रपाल के 100 पदों के लिए भर्ती निकाली है।
एमपीपीएससी ने राज्य सेवा परीक्षा एंड फॉरेस्ट सर्विसेस में भर्तियों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। राज्य सेवा परीक्षा के लिए 202 व वन सेवा के लिए 106 पदों पर भर्तियां निकाली गई हैं। दोनो सेवाओं के लिए एक प्रारंभिक परीक्षा 18 फरवरी को होगी, जिसके बाद दोनो सेवाओं के लिए अलग-अलग मैंस परीक्षा व इंटरव्यू आयोजित होंगे।
मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग आयोजित होने वाली राज्य सेवा परीक्षा और राज्य वन सेवा परीक्षा की प्री परीक्षा में भाग लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया 18 दिसंबर से शुरू हो गई है। छात्र 8 जनवरी तक दोनो परीक्षाओं के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दो पालियों में परीक्षा
18 फरवरी को होने वाली प्री- परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली शिफ्ट में 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सामान्य अध्ययन एवं 2.15 से 4.15 बजे तक सामान्य अभिरूची परीक्षण का पेपर होगा। दोनों ही पेपर में 100-100 सवाल होगें। गौरतलब है कि प्रारंभिक परीक्षा की मैरिट सामान्य अध्ययन से ही बनेगी, जबकि दूसरे पेपर में अनारक्षित वर्ग के लिए 40 व रिर्जव्ड कैटेगरी के लिए न्यूनतम क्वालिफाइंग नंबर क्रमश: 40 व 30 प्राप्त करने होंगे।
कोचिंगों में बढ़ा जमावड़ा
पटवारी के बाद अब मध्प्रदेश सरकार के कई विभागों में अधिकारी बनने के लिए युवा कोचिंगों की तरफ रुख कर रहे हैं। सिविल सर्विसेज की तैयारी कराने वाली कोचिंगों में युवाओं की काफी भीड़ बढ़ गई है। कोचिंग संचालकों ने भी भीड़ को देखते हुए अपनी फीस भी बढ़ा दी है। ्रशहडोल जैसे छोटे शहरों में भी कोचिंग संचालक हजारों रुपए वसूल रहे हैं। यहां पर पैकेज के भी ऑफर दिए जा रहे हैं। सिविल की तैयारी के लिए 18 हजार रुपए लिए जा रहे हैं। कई कोचिंग तो 25 हजार रुपए तक भी वसूल रहे हैं।
बैठने तक के लिए जगह नहीं
कोचिंगों में हालत ये है कि जब से लोक सेवा आयोग की वैकेंसी आईं हैं तब से कोचिंगों में बैठने के लिए जगह नहीं है। कोचिंग संचालक फीस के चक्कर में नए स्टूडेंट्स को तरजीह दे रहे हैं। पुराने स्टूडेंट्स से या तो अधिक फीस जमा करने के लिए बोला जा रहा है अथवा उनसे कोचिंग संचालक पीछा छुड़ा रहे हैं। इसको लेकर विवाद की स्थिति भी बन रही है।