बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल, उफान मारने लगी नालियां, कचरे से पट गईं सडक़
बारिश ने खोली सफाई व्यवस्था की पोल, उफान मारने लगी नालियां, कचरे से पट गईं सडक़
शहडोल. गुरुवार की शाम हुई झमाझम बारिश ने नगरपालिका की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। नगर में जगह-जगह नाली उफान मारने लगी और नालियों का गंदा पानी लोगों के घरों में भरने लगा। इतना ही नहीं नाली का गंदा मलवा सडक़ों पर पट गया। वार्डवासी परेशान होकर खुद ही नालियों के सफाई का मोर्चा संभाला और घंटों मशक्कत करने के बाद पानी निकासी की सुविधा बनाई। शुक्रवार को भी शहर के कई इलाकों में नाली का गंदा मलवा सडक़ों पर पटा होने से लोग परेशान हुए। फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदार खुद मलवे की सफाई करते नजर आए। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नगपालिका इन दिनों पूरी तरह लापरवाह है। यही कारण है कि शहर के अधिकांश हिस्सों की नाली गंदगी से बजबजा रही है। सफाई के नाम पर नपा शहर के मुख्य मार्गों में सिर्फ झाडू लगवा रही, जबकि वार्डों में गंदगी पटी पड़ी है। लोग दुर्गन्ध से परेशान हो रहे और शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप भी बढऩे लगा है।
नगरपालिका के उदासीन रवैये से वार्डवासी परेशान है, पत्रिका से बात चीत में बताया कि क्या ऐसी भी नगरपालिका होती है जो नगर की सफाई भी प्राथमिकता से न करा सके,जबकि टैक्स तो हर चीज का लिया जाता है। वार्डवासियों का कहना है कि बीते कुछ महीनों से सफाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूर्ति किया जा रहा है। घरों से कचरा कलेक्शन और मुख्य मार्गों की रात में सफाई तक ही नपा का कार्य सीमित रह गया है।
वार्ड 8 में बीती शाम हुई बारिश से नाली उफान मारने लगी, नाली का गंदा पानी घरों में समाने लगा। नपा को इसकी जानकारी भी दी गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद स्वयं 2 घंटे नालियों की सफाई किए तब कहीं जाकर घर के अंदर पानी जाना बंद हुआ।
यूपी श्रीवास्तव, वार्डवासी
तेज बारिश के बाद जेल बिल्डिंग के सामने नाली का गंदा मलवा सडक़ों पर पट गया था, जिसका उठाव नपा ने दूसरे दिन तक नहीं कराया। सुबह गन्ने की दुकान लगाने के लिए समस्या हो रही थी तो खुद घर से फावड़ा लाकर मलवे को हटाया, इसके बाद दुकान लगाई।
श्रवण कुमार गुप्ता, दुकानदार
वार्ड 28 में नाली की काफी दिनों से सफाई नहीं हुई है। यही कारण है कि बारिश के बाद नाली की सारी गंदगी सडक़ों पर फैल गई, जिससे दुर्गन्ध आ रही है। कई बार नपा को नाली की सफाई के लिए सूचना दी गई थी, लेकिन कोई ध्यान ही नहीं देता। शाम होते ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है।
अंशुल यादव, वार्डवासी