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मशीनरी के लिए बजट का अभाव, एमआरएफ सेंटर अधूरा, कंपोस्ट शेड का पता नहीं

इसके अलावा एमआरएफ सेंटर आधा अधूरा है, कंपोस्ट शेड, मशीनरी का कहीं कोई पता नहीं है। शहर से निकलने वाले कचरे की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। यह पूरा कचरा अस्थाई ट्रचिंग ग्राउण्ड में खुले मैदान में डंप हो रहा है। यहां कचरा निष्पादन के नाम पर महज पॉलिथिन व प्लास्टिक की बॉटल अलग करने की व्यवस्था है।

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शहडोल. नगर पालिका ही हीलाहवाली पर्यावरण प्रदूषण के साथ संक्रमण को आमंत्रण दे रही है। नगर से निकलने वाले कचरे के निष्पादन के लिए अब तक व्यवस्थित ट्रंचिंग ग्राउण्ड तैयार नहीं हो पाया है। वर्ष 2014 में कोटमा में ट्रंचिंग ग्राउण्ड निर्माण के लिए नगर पालिका को भूमि आवंटित हुई थी। भूमि आवंटन होने के बाद पिछले 12 वर्ष में यहां सिर्फ बाउण्ड्रीवाल और फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट ही तैयार हो पाया है। इसके अलावा एमआरएफ सेंटर आधा अधूरा है, कंपोस्ट शेड, मशीनरी का कहीं कोई पता नहीं है। शहर से निकलने वाले कचरे की तादाद दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। यह पूरा कचरा अस्थाई ट्रचिंग ग्राउण्ड में खुले मैदान में डंप हो रहा है। यहां कचरा निष्पादन के नाम पर महज पॉलिथिन व प्लास्टिक की बॉटल अलग करने की व्यवस्था है।
एमआरएफ सेंटर का अधूरा निर्माण
ट्रंचिंग ग्राउण्ड में लगभग 1 करोड़ की लागत से बाउण्ड्रीवाल व वॉचमैन क्वार्टर का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। 30 लाख की लागत से निर्माणाधीन एमआरएफ सेंटर अभी भी आधा अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य की रतार धीमी होने की वजह से लगभग डेढ़ वर्ष में भी यह तैयार नहीं हो पाया है। कार्य में हीलाहवाली को लेकर संबंधित ठेकेदार को नगर पालिका ने नोटिस भी जारी किया है, लेकिन स्थिति आी भी जस की जस बनी हुई है। यहां अब तक लगभग 1 करोड़ की लागत से बाउण्ड्रीवाल व वॉचमैन क्वार्टर का ही निर्माण हो पाया है।
2 करोड़ के कार्य अभी भी नहीं हुए प्रारंभ
निर्माण कार्यों को लेकर नगर पाकिला ढ़ुलमुल रवैया अपना रही है। ट्रंचिंग ग्राउण्ड में लगभग 2 करोड़ की लागत से कराए जाने वाले निर्माण कार्य अभी प्रारंभ ही नहीं हुए है। यहां कंपोस्ट शेड के साथ वे ब्रिज (छोटा धर्मकांटा), ऑफिस के साथ वॉच टॉवर का निर्माण होना है। इसके लिए अभी तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं हो पाया है।
मशीनरी के लिए बजट ही नहीं
नगर से निकलने वाले गीला सूखा कचरा को अलग करने और इसके निष्पादन के लिए भी अभी तक यहां कोई व्यवस्था नहीं है। इस कार्य के लिए लगभग 70 लाख से मशीनें लगाई जानी है, लेकिन इनकी खरीदी के लिए नगर पालिका के पास बजट ही उपलब्ध नहीं है।
इनका कहना है
ट्रंचिंग ग्राउण्ड में एफएसटीपी का कार्य पूरा हो चुका है। एमआरएफ सेंटर तैयार होने के बाद नगर से निकलने वाले कचरे का निष्पादन ट्रंचिंग ग्राउण्ड में किया जाएगा।
मोतीलाल सिंह, स्वच्छता निरीक्षक नगर पालिका शहडोल

एमआरएफ सेंटर निर्माण की रतार धीमी है, ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। कंपोस्ट शेड सहित अन्य निर्माण कार्य के लिए अभी वर्क ऑर्डर होना शेष है, जल्द ही प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य कराया जाएगा।

शरद द्विवेदी, उपयंत्री नगर पालिका शहडोल