पांच माह में केवल 60 प्रतिशत रिटर्न हुआ फाइल
शहडोल. 1 जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद अब लगभग 5 माह पूर्ण हो चुके हैं। लेकिन अभी भी व्यापारी अपनी-अपनी समस्याएं बताकर रिटर्न फाइल करने में आनाकानी कर रहे हैं। हालात यह हैं कि विगत सप्ताह पहले तक केबल 50 प्रतिशत रिटर्न ही फाइल किया गया था। जब जीएसटी विभाग कड़े कदम उठाए और नोटिस देकर डीलरों के खाते सीज करने शुरू किए तो रिटर्न जमा करने का प्रतिशत बढ़कर 60 पहुंच गया है। 40 प्रतिशत व्यापारियों के समय पर रिटर्न फाइल न करने पर उन्हें पेनल्टि लगाने की कवायद शुरू हो गई है।
1 जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद रिटर्न फाइल करने में व्यापारी जहां समस्याओं का रोना रो रहे थे, वहीं जीएसटी विभाग भी कड़े कदम उठाने से हिचक रहा था। धीरे-धीरे विभाग ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। जीएसटी में करदाताओं की सहुलियत के मुताबिक परिवर्तन किए पर अभी भी डीलरों द्वारा रिटर्न फाइल करने में रूचि नहीं दिख रही थी। जिससे शासन को राजस्व की भारी हानि हो रही है।
पांच माह बाद जब रिटर्न फाइल करने का प्रतिशत घट रहा है तो अब जीएसटी विभाग कड़े कदम उठाने के मूड़ में आ गया है।
जिले के सालाना 2 करोड़ से अधिक टर्न ओवर वाले 60 व्यापारियों को खाता सीज करने का नोटिस दिया गया है, जिन्होंने वर्ष 2016-2016 का पुराना वैट और वर्ष 2017-18 जीएसटी लागू होने के बाद प्रथम तिमाही जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का रिटर्न दाखिल नहीं किया है। इनमें से 26 के खाते भी सीज कर दिए गए हैं।
इसके अलावा जीएसटी लागू होने के बाद पिछले तीन महिने का रिटर्न दाखिल न करने वाले शहर के 200 से अधिक व्यापारियों को नोटिस भी दिए गए हैं। रिटर्न दाखिल न करने पर रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कवायद चल रही है। इससे व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बन रही है।
पांच माह में विभागीय गतिविधियां
4190 पुराने कर दाताओं का अपडेशन दिए गए नए नंबर।
600 व्यापारियों को नए जीएसटी नंबर दिए गए।
1250 नए-पुराने मिलाकर व्यापारी कंपोजीसन स्कीम में शामिल।
60 प्रतिशत रिटर्न दाखिल हुआ।
40 प्रतिशत व्यापारी रिटर्न दाखिल करने में कर रहे आनाकानी।
200 से अधिक व्यापारियों को रिटर्न दाखिल न करने पर नोटिस।
60 बड़े व्यापारियों के खाते सीज करने दिए गए नोटिस।
26 बड़े डीलरों के खाते सीज हुए।
21 नवबंर से रिटर्न फाइन न करने पर पेनाल्टी लगाने का कदम।
व्यापारियों को समझाने हो रहे यह प्रयास
विभाग में 2 से 3 कर्मचारियों की हेल्पडेस्क बनाई गई।
कर्मचारियों को दुकान-दुकान जाकर व्यापारियों से चर्चा करने के निर्देश भी दिए गए।
वर्कशॉप आयोजित की जाएगी, अभियान चलाने के निर्देश।
कर सलाहकारों की बैठक बुलाई गई, उन्हें रिटर्न फाइल करने के निर्देश दिए।
रिटर्न फाइल करते समय सर्वर की समस्या सामने आई।
कंपोजीसन स्कीम में शामिल व्यापारियों को लाभ बताए गए।
जीएसटी रजिस्ट्रेशन का कार्य लगभग पूर्ण।
----व्यापारियों को यदि कोई दिक्कत हो रही है तो वे विभाग को अवगत कराएं। दिक्कतों का बहाना बनाकर रिटर्न दाखिल करने में आनाकानी नहीं चलेगी। विभाग व्यापारियों की हर तरह से मदद करने को तैयार है। 21 नवंबर से पेनल्टि लगाई जा रही है।
प्रकाश सिंह, सहायक आयुक्त जीएसटी विभाग शहडोल।