शहडोल

नवजात शिशु की मौत के बाद, गुस्साए परिजनों ने अस्पताल का मुख्य गेट किया बंद

अस्पताल में हंगामा, मरीज और डॉक्टर घंटों होते रहे परेशान
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Updated: 13 Jun 2018, 3:12 PM IST
parijanon ne kiya hangama , hospital ka main gate kiya band
नवजात शिशु की मौत के बाद, गुस्साए परिजनों ने अस्पताल का मुख्य गेट किया बंद

नवजात शिशु की मौत के बाद, गुस्साए परिजनों ने अस्पताल का मुख्य गेट किया बंद
अस्पताल में हंगामा, मरीज और डॉक्टर घंटों होते रहे परेशान

शहडोल- जिला अस्पताल में मंगलवार को एसएनसीयू में एक नवजात की मौत हो गई थी, जिसके बाद डॉक्टरों की लापरवाही एक बार फिर से उजागर हुई थी, जहां गुस्साए परिजनों ने कल भी अस्पताल में खूब हंगामा किया था, और आज भी गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल का मुख्य गेट ही बंद कर दिया, और हंगामा करने लगे, घंटों तक अस्पताल के अंदर मौजूद डॉक्टर, मरीज और उनके परिजन परेशान होते रहे।

कल एसएनसीयू में नवजात की हुई थी मौत

दरअसल मंगलवार को जिला अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टरों की लापरवाही उजागर हुई थी। एसएनसीयू में डॉक्टरों के इंतजार में एक नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

पुलिस के अनुसार प्रीति सिंह पति भूपेंद्र सिंह निवासी रोहनिया को रविवार को प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रीति ने दोपहर १२ बजे के आसपास एक नवजात को जन्म दिया। पीडि़त परिवार ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा कि नवजात ने गंदा पानी पी लिया है, जिससे हालत खराब हो रही है। नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था।

परिजनों ने बताया कि नवजात को एसएनसीयू में भर्ती कराने के बाद डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। परिजनों के अनुसार एसएनसीयू में भी हालत बिगडऩे पर कंपाउंडर अजय एवं रामजी को बुलाने के लिए बार बार कहा लेकिन समय पर डॉक्टर नहीं आए। जिसके बाद शाम चार बजे नवजात की इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। मौके पर कोतवाली प्रभारी विकास सिंह, एएसआई रजनीश ने पहुंचकर समझाइश दी और जांच शुरू कर दी थी। थी।

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