शहडोल

मध्याह्न भोजन की जांच सफेद झूठ का पुलिंदा? बच्चों की थाली पर अफसरों की लीपापोती

हैरानी की बात यह रही कि जनशिक्षकों के पहुंचने से पहले ही स्कूलों और स्व-सहायता समूहों को सतर्क कर दिया गया था। जिन स्कूलों में हतों से सिर्फ पानी वाली दाल और रूखे चावल परोसे जा रहे थे, वहां अधिकारियों के पहुंचते ही बर्तनों की चमक लौट आई और मेन्यू के अनुसार छप्पन भोग सज गया। यह निरीक्षण कम और एक सुनियोजित इवेंट ज्यादा नजर आया।

2 min read
Feb 05, 2026

शहडोल। शहर के सरकारी स्कूलों में बच्चों के निवाले पर डाका डालने का खेल बदस्तूर जारी है। मध्याह्न भोजन की बदहाली की खबरें सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने जांच का जो नाटक रचा, उसने व्यवस्था सुधारने के बजाय विभाग की नीयत पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। 7 सीएसी और बीएसी अधिकारियों की टीम ने स्कूलों का रुख तो किया, लेकिन मकसद सुधार नहीं, बल्कि ऑल इज वेल की फर्जी रिपोर्ट तैयार करना था।

रसोई में अचानक लौटा मेन्यू
हैरानी की बात यह रही कि जनशिक्षकों के पहुंचने से पहले ही स्कूलों और स्व-सहायता समूहों को सतर्क कर दिया गया था। जिन स्कूलों में हतों से सिर्फ पानी वाली दाल और रूखे चावल परोसे जा रहे थे, वहां अधिकारियों के पहुंचते ही बर्तनों की चमक लौट आई और मेन्यू के अनुसार छप्पन भोग सज गया। यह निरीक्षण कम और एक सुनियोजित इवेंट ज्यादा नजर आया।

19 स्कूलों का दौरा और क्लीन चिट का खेल
विभाग ने पूरे शहर में महज 19 स्कूलों को चुनकर अपनी औपचारिकता पूरी कर ली। 18 स्कूलों को परफेक्ट बता दिया गया। केवल बेलहा टोला स्कूल में मेनू का उल्लंघन बताकर खानापूर्ति की गई। अचानक किए गए दौरों के बजाय पूर्व-सूचना देकर की गई इस जांच ने बच्चों के पोषण अधिकार का मजाक उड़ाया है।

कमीशनखोरी की भेंट चढ़ता बचपन
विभागीय सूत्रों की मानें तो यह पूरी कवायद स्व-सहायता समूहों को बचाने के लिए थी। आरोप है कि मध्याह्न भोजन के बजट का एक बड़ा हिस्सा कमीशन के तौर पर ऊपर तक पहुंचता है। यही वजह है कि नियम विरुद्ध एक ही समूह को कई स्कूलों की जिमेदारी सौंपी गई है। फोन पर सूचना देकर निरीक्षण करना कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि उसी तालमेल का हिस्सा है ताकि अफसरों की फाइलों में कोई दाग न लगे।

इन स्कूलों में हुई रस्म-अदायगी
सोमवार और मंगलवार को सोहागपुर की आश्रम शाला, मंदिर शाला, करन तलैया, बलपुरवा, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, कोनी-1 व 2, बेलहाटोला, ददरा टोला, गणेशगंज, सरदार पटेल स्कूल, वार्ड नंबर 3, 4 व 5, इतवारी टोला, शहडोल प्राथमिक शाला, पुलिस लाइन और अर्बन बेसिक स्कूल में निरीक्षण की खानापूर्ति की गई।

तीखे सवाल
-यदि व्यवस्था सही थी, तो जांच की नौबत क्यों आई?
-क्या अधिकारियों के पास सरप्राइज विजिट का साहस नहीं था?
-क्या विभाग बच्चों की सेहत से ज्यादा अपनी साख बचाने की चिंता कर रहा है?

वर्जन
शहरी क्षेत्र के करीब १९ विद्यालयों में सीएसी व बीएसी के माध्यम से भोजन की गुणवत्ता की जांच की गई है। एक स्कूल में मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिला, बाकि के स्कूलों में सबकुछ ठीक रहा।
संतोष यादव, प्रभारी बीआरसी सोहागपुर

Published on:
05 Feb 2026 12:55 pm
Also Read
View All

अगली खबर