शहडोल

जनगणना 2027 की तैयारी: शहडोल की 39 वार्डों में सर्वे पूरा, 5 स्लम बस्तियां चिह्नित

नगर पालिका के सभी 39 वार्डों में गहन सर्वे के बाद 5 प्रमुख स्लम बस्तियों की पहचान की गई है। सर्वे के दौरान मुय रूप से दो बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। उनमें पहली ऐसी बस्तियां जहां पक्की सड़क, नाली और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अब भी पर्याप्त नहीं हैं। दूसरे ऐसे क्षेत्र जहां बाहर से आए लोग संसाधनों के अभाव में रह रहे हैं।
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Jan 23, 2026
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नगर पालिका ने निदेशालय को भेजी रिपोर्ट; बाहरी बसाहट और मूलभूत सुविधाओं के अभाव वाले क्षेत्रों पर फोकस।

शहडोल। जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। जनगणना निदेशालय के निर्देशों के पालन में नगर पालिका शहडोल ने शहर की मलिन बस्तियों के चिह्नांकन का कार्य पूरा कर लिया है। निकाय द्वारा तैयार की गई इस सूची के आधार पर ही केंद्र सरकार आगामी जनगणना की माइक्रो-प्लानिंग और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करेगी।

इन मानकों पर हुआ सर्वे
नगर पालिका के सभी 39 वार्डों में गहन सर्वे के बाद 5 प्रमुख स्लम बस्तियों की पहचान की गई है। सर्वे के दौरान मुय रूप से दो बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। उनमें पहली ऐसी बस्तियां जहां पक्की सड़क, नाली और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं अब भी पर्याप्त नहीं हैं। दूसरे ऐसे क्षेत्र जहां बाहर से आए लोग संसाधनों के अभाव में रह रहे हैं।

एआरआई की टीम ने किया सर्वे
स्लम बस्तियों की सटीक जानकारी जुटाने के लिए निकाय ने एक सुव्यवस्थित टीम तैनात की थी। राजस्व प्रभारी उपयंत्री पुनीत त्रिपाठी को नोडल अधिकारी बनाया एवं मयंक मिश्रा ने सहायक नोडल अधिकारी के तौर पर सर्वे की कमान संभाली। सर्वे कार्य के लिए 7 सहायक राजस्व निरीक्षकों को वार्ड प्रभारी बनाया गया था। वहीं वार्ड प्रभारियों ने घर-घर जाकर डेटा जुटाया, जिसे स्थापना शाखा के माध्यम से ऑनलाइन पोर्टल पर फीड कर दिया गया है।

क्या है जनगणना ब्लॉक का गणित?
निदेशालय के गाइडलाइन के अनुसार, जनगणना के उद्देश्य से एक ब्लॉक का निर्धारण आबादी के आधार पर किया गया है। न्यूनतम 300 व अधिकतम 800 की जनसंया को एक ब्लॉक माना गया है। प्रत्येक ब्लॉक में परिवारों की कुल संया, मकानों की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों का पूरा विवरण संकलित किया गया है। यह सर्वे न केवल जनगणना के लिए आधार तैयार करेगा, बल्कि भविष्य में इन पिछड़ी बस्तियों के विकास के लिए सरकारी बजट और योजनाओं के आवंटन में भी निर्णायक साबित होगा।

इनका कहना है
नगर पालिका क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव व बाहरी लोगों के बसाहट वाली बस्तियों की सूची चाही गई थी। सहायक राजस्व निरीक्षकों की टीम बनाकर सूची तैयार की है, जिसे ऑनलाइन फीड करा दिया गया है। इसी के आधार पर आगमी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
पुनीत त्रिपाठी, राजस्व प्रभारी नगर पालिका शहडोल

Updated on:
23 Jan 2026 12:49 pm
Published on:
23 Jan 2026 12:49 pm