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एमपी में कोयले वाला ‘पुष्पा’, 30 ट्रकों से हर दिन 1200 टन की तस्करी, चौंका देगी खबर

MP Coal Smuggling Pushpa: पुलिस अपने क्षेत्र में देती है हरी झंडी और दौड़ पड़ते हैं ट्रक, याद आ गई फिल्म पुष्पा

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शहडोल

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Sanjana Kumar

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बृजेश कुमार तिवारी

Mar 12, 2026

MP Coal Smuggling Pushpa

MP Coal Smuggling Pushpa(photo: AI)

MP Coal Smuggling Pushpa: आपने फिल्म 'पुष्पा' में लाल चंदन की तस्करी देखी। फिल्म में चंदन के अवैध परिवहन के लिए 'पुष्पा' ने जिस तरह जंगल के रास्ते नेटवर्क तैयार किया। ठीक उसी तरह शहडोल में कोल माफिया ने अपनी जड़ें जमा ली हैं। पुलिस की सांठगांठ से एक ओर माफिया खदानों से करीब 1200 टन कोयले का अवैध खनन कर रहे हैं। फिर इसका परिवहन भी बेखौफ कर रहे हैं। इसके लिए जिले में वे किसी एक सड़क का इस्तेमाल नहीं कर रहे। वे भौगोलिक खामियों को इस काले कारोबार की सबसे बड़ी ताकत के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।

दूसरे की सीमाओं और थाना क्षेत्रों के डेड जोन का इस्तेमाल

अवैध परिवहन के लिए वे किसी एक सड़क की बजाय एक जिले से दूसरे की सीमाओं और थाना क्षेत्रों के डेड जोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये वे जोन हैं, जहां दो जिलों का अधिकार क्षेत्र आपस में उलझ जाता है। कहने को पुलिस उलझन में रहती है कि उनके सीमा का मामला नहीं है, पर अंदर से पूरा तंत्र माफिया के तंत्र को अभेद्य बना रहा है।

पुलिस की परमिशन के बाद ड्राइवर्स को कोड वर्ड में रास्ता बदलने के निर्देश

खास यह कि एमपी के सतना-रीवा कॉरिडोर हो या कटनी व सिंगरौली रूट..जंगल के रास्ते अवैध कोयले भरे ट्रक दौड़ रहे हैं। अवैध परिवहन के लिए माफिया ने लाइनमैन नेटवर्क तैयार किया है। हर रूट पर 5-10 किमी पर लाइनमैन तैनात हैं। पुलिस की ओर से हरी झंडी मिलते ही ड्राइवरों को कोड वर्ड में रुकने या रास्ता बदलने के निर्देश मिल जाते हैं। किसी जिले में सख्ती बढ़ी तो गाड़ियों को बॉर्डर स्थित ढाबों पर रोक दिया जाता है। फिर थाने से इशारा मिलते ही ट्रक सीमा पार कर जाते हैं।

अवैध कोयले का गणित

10 से 12 पहिए वाले ट्रक में 16 से 30 टन कोयला आता है। लेकिन इसे ओवरलोड कर 40 टन तक लोड कर खपाया जा रहा है। ऐसे में शहडोल से रोजाना 30 ट्रकों से करीब 1200 टन कोयले का अवैध परिवहन हो रहा है।

कोयला तस्करी के चार मुख्य रूट

उत्तर मार्ग: सतना-रीवा कॉरिडोर यह सबसे व्यस्त रूट है, क्योंकि सतना के सीमेंट प्लांट्स और ईंट भट्टों में कोयले की बेतहाशा खपत है। यहां कोयला की बड़ी डंपिंग साइट हैं। यहां कोयला पहुंचते ही वैध हो जाता है। सरकारी तंत्र इन डंपिंग साइट की जांच नहीं करता।

- निकास प्वॉइंट…शहडोल के सोहागपुर, गोहपारू, त्यौहारी थाना क्षेत्र।

- ट्रांजिट रूट…त्यौहारी से निकलकर ट्रक सीधी जिले के मझौली व जमोड़ी थानों की सीमा छूते हुए निकलते हैं।

- गंतव्य: मैहर का रामनगर और सतना का अमरपाटन। यहां से माल का बड़ा हिस्सा गोविंदगढ़ (रीवा) डायवर्ट किया जाता है।

पूर्व मार्ग: सिंगरौली कॉरिडोर यहां कोयले का परिवहन उपयोग के लिए कम, वैध बनाने के लिए ज्यादा होता है। सिंगरौली में अवैध कोयले की पेपर लॉन्ड्रिंग का खेल होता है। अवैध कोयले को सिंगरौली की बड़ी खदानों के असली ट्रांजिट पास के साथ मिलाया जाता है।

- ट्रांजिट रूट…सीधी के मझौली, कुसमी, धौहनी के जंगली रास्तों का उपयोग। यहां चेकिंग नहीं, इसलिए माफिया का कवच।

- गतंव्य: सिंगरौली के सरई और निवास क्षेत्र में पहुंचते ही अवैध माल सिंगरौली का वैध कोयला बन जाता है।

पश्चिम मार्ग: कटनी कॉरिडोर कटनी का औद्योगिक क्षेत्र और चूना भट्ठो के लिए यह रूट लाइफलाइन है। कंटनी जिले के चूना भट्ठों में शहडोल, अनूपपुर, उमरिया जिले का अवैघ कोयला खपाया जाता है। दाल मिलें और अन्य छोटी फैक्ट्रियां कोयले की मुख्य खरीदार हैं।

- निकास प्वॉइंट…शहडोल का जयसिंहनगर व गोहपारू थाना क्षेत्र।

- ट्रांजिट रूट.. माफिया नेशनल हाईवे के बजाय बरही व खतौली के आंतरिक ग्रामीण रास्तों का इस्तेमाल करते हैं।

- गंतव्य: कटनी जिले के बड़वारा और बरही थाना क्षेत्र, जहां अवैध कोयले को स्थानीय खदानों का माल बताकर खपाते हैं।

दक्षिण-पूर्व मार्ग: बिलासपुर कॉरिडोर छत्तीसगढ़ सीमा से सटे इस रूट का उपयोग रैक लोडिंग और एसईसीएल मैनेजमेंट के बीच माल खपाने में होता है। इस रूट पर रैक और रेलवे मैनेजमेंट की मिलीभगत से खेल होता है।

- निकास प्वॉइंट…शहडोल के बुढार, धनपुरी, अमलाई थाना क्षेत्र।

- ट्रांजिट रूट..अनूपपुर के कोतमा, बिजुरी, जैतहरी थानों को पार कर ट्रक वेंकटनगर चौकी के रास्ते छत्तीसगढ़ में प्रवेश करते हैं।

- गंतव्य: गौरेला, पेंड्रा और रतनपुर के रास्ते कोयला बिलासपुर की मंडियों में पहुंचता है।

रूट और संवेदनशील क्षेत्र

गंतव्य- मुख्य ट्रांजिट पॉइंट प्रमुख संवेदनशील थाना क्षेत्र

सतना/रीवा - शहडोल-मैहर त्यौहारी, रामनगर, अमरपाटन

कटनी- शाहडोल-बरही, गोहपारू, जयसिंहनगर, बड़वारा

सिंगरौली- शहडोल-सीधी जैतपुर, मझौली, कुसमी, सरई

बिलासपुर - शहडोल-अनूपपुर-सीजी (कोतमा, जैतहरी, पेंड्रा, रतनपुर)

जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी

कोयला के अवैध परिवहन पर कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में विजय यादव पर कार्रवाई की थी। पुलिस के साथ मिलकर छापामारी की योजना तैयार की जा रही है। जल्द बड़ी कार्रवाई की जाएगी।

- राहुल शांडिल्य, खनिज अधिकारी

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