पूर्व पार्षद मो. इसहाक ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए 20 जनवरी को आयोजित जनसुनवाई में लिखित आवेदन दिया गया था। इसके बावजूद, एक महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों ने धरातल पर कोई सुध नहीं ली। वार्डवासियों का कहना है कि गंदे पानी की समस्या केवल असुविधा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों के जीवन से जुड़ा मुद्दा बन गया है, जिसे नगर पालिका ध्यान नहीं दे रही है।