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इस बार होलिका दहन में भद्रा और धुरेड़ी में चन्द्रगहण का साया

गदा, त्रिशूल और सर्प से बरसेगा रंग, बच्चों को लुभाने बाजार तैयारशहडोल. रंगो का पर्व रंगोत्सव को पांच दिन शेष रह गए हैं। इसे लेकर बाजार सजने लगा है। बच्चों को लुभाने के लिए पिचकारियों की नई नई वैरायटी बाजार में आई है। व्यापारी वर्ग ने होली पर्व को लेकर तैयारियां शुरु कर दी हैं। […]

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गदा, त्रिशूल और सर्प से बरसेगा रंग, बच्चों को लुभाने बाजार तैयार
शहडोल. रंगो का पर्व रंगोत्सव को पांच दिन शेष रह गए हैं। इसे लेकर बाजार सजने लगा है। बच्चों को लुभाने के लिए पिचकारियों की नई नई वैरायटी बाजार में आई है। व्यापारी वर्ग ने होली पर्व को लेकर तैयारियां शुरु कर दी हैं। नगर के गांधी चौक के साथ ही अन्य स्थलों में दुकानें सजनी लगी हैं। इस बार होलिका दहन में भद्रा और धुरेड़ी में चन्द्रगहण का साया है। ऐसे में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि भद्रा प्रारंभ होने व समापन के बाद ही होलिका दहन उचित रहेगा। साथ ही ही सूतक व चन्द्रग्रहण की वजह से धुरेड़ी का पर्व अगले दिन मनाना उचित रहेगा।

दिन में ही कर लें होलिका दहन

ज्योतिषाचार्य पं. सुशील शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन 2 मार्च को है। इस दिन शाम 5.18 बजे से भद्रा प्रारंभ हो जाएगा जो दूसरे दिन सुबह 4.56 तक रहेगा। ऐसे में होलिका दहन 2 मार्च को भद्रा लगने से पहले दिन में ही उचित रहेगा। वहीं 3 मार्च को धुरेड़ी के दिन चन्द्रगहण होने की वजह से सूतक काल सुबह 9 बजे से प्रारंभ हो जाएगा, इसके बाद चन्द्रग्रहण का जो समय होगा वह 6 बजे से 6.48 के बीच रहेगा। ऐसे में 3 मार्च की जगह 4 मार्च को धुरेड़ी पर्व मनाया जाएगा।

पिचकारियों के साथ रंगों की सजी दुकानें

नगर के गांधी चौक से स्टेशन रोड में रंगोत्सव को लेकर पिचकारियों व रंगो की दुकानें सजने लगी हैं। इस बार बच्चों को लुभाने के लिए गदा, त्रिशूल, सर्प, मशीन गन, अबीर पिचकारी, सिलेण्डर, टैंक पिचकारियां बाजार में बड़ी तादाद में आई हैं। इसके अलावा कलर स्मोक, स्प्रे, हर्बल रंग व गुलाल की दुकानें सज रही हैं। व्यापारियों का कहना है कि उनके पास 20 रुपए से लेकर 900 रुपए तक की पिचकारियां उपलब्ध हैं। इसके अलावा नई-नई डिजाइन के मुखौटे भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे।