शहडोल

एक सप्ताह में शहर के लोग खा जातेे हैं पचास हजार अंडे

नेशनल एग डे पर विशेष-प्रोटीन व विटामिन से भरपूर रहता है अण्डा
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Updated: 2 Jun 2020, 8:50 PM IST
एक सप्ताह में शहर के लोग खा जातेे हैं पचास हजार अंडे
एक सप्ताह में शहर के लोग खा जातेे हैं पचास हजार अंडे

शहडोल. विराट नगरी के लोग एक सप्ताह में लगभग पचास हजार अंडा खा जाते हैं। शहर में स्थित पोल्ट्री फार्म और जबलपुर से प्रति सप्ताह पचास से साठ हजार अंडा आता है। एक पिकअप में लगभग 36 हजार अंडे होते हैं। जो शहर में दो या तीन दिनों में बिक पाते हैं। कारोबारियों की माने तो अंडे की खपत का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता ही जाता है। इसकी अधिक खपत ठंड के दिनों में होती है। अंडे के कारोबारियों के लिए ठंड का मौसम बूम का होता है। वर्तमान कोरोना संक्रमण काल में अण्डे का कारोबार भी अच्छा खासा प्रभावित हुआ है। बताया गया है कि इन दिनों भीषण गर्मी और कोरोना के खौफ से आधे से भी कम लोग अण्डे का सेवन कर रहे हैं। जबकि अंडे के पौष्टिक गुणों की यदि बात की जाए तो अण्डा का सेवन स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी साबित होता है। जानकारों की माने तो प्रत्येक व्यक्ति को साल में 180 अंडों का सेवन करना चाहिए। अंडा अपने आप में पूर्ण पौष्टिक आहार है।
नकली अंडों की पहचान जरूरी
बताया गया है कि बाजार में नकली अण्डे की भी बिक्री की जाती है। नकली अंडा केवल रासायनिक पदार्थों से तैयार होता है, जिससे शरीर को कोई फायदा नहीं होता। अंडे के कारोबारी बताते हैं कि कैल्सियम कार्बोनेट से तैयार बाहरी खोल के भीतर सोडियम एलिग्नेट एलम, जिलेटिन और कैल्सियम क्लोराइड की रचनाओं को भरकर कृत्रिम अंडा तैयार किया जाता है। नकली अंडे का बाहरी स्तर थोड़ा खुरदुरा होता है, जबकि असली अंडा चिकना होता है। उबालने के बाद कैल्सियम कार्बोनेट का कवर तोडऩे पर प्राप्त होने वाला नकली अंडा असली की तुलना में कड़ा होता है। भीतर की पीली जर्दी रबर की गेंद की तरह हो जाती है।
सुपर फूड है अण्डा
डाइटीशियन वत्सला तिवारी ने बताया है कि अण्डे में प्रोटीन की अच्छी मात्रा के साथ-साथ विटामिन, एमिनो एसिड और लवण प्राप्त होते हैं। जो शरीर को संपुष्ट करने के लिए जरूरी हैं। अंडा सस्ती उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसमें विटामिन ए, डी, ई, के, बी-5, बी-12, बी-6, बी और फास्फोरस सेलेनियम कैल्शियम आयरन कॉपर और जिंक जैसे मिनरल्स मौजूद होते हैं। इसे सुपरफूड भी कहा जाता हैं। दिनभर में एक अंडे से लेकर चार अंडे तक खाए जा सकते हैं। अंडे खाने से ऐसे तो कोई साइड इफेक्ट्स नहीं हैं, परन्तु कई लोगों में इसको खाने के बाद एलर्जिक रिएक्शन देखे गए हैं।


शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन 18 से 22 हजार अण्डों की खपत होती है। यहां स्थानीय पोल्ट्रीफार्म और जबलपुर से अंडा मंगवाया जाता है, मगर कोरोना संक्रमण काल में अंडे के कारोबार भी काफी प्रभावित हुआ है। इन दिनों प्रतिदिन दो से तीन हजार अण्डे की ही खपत हो रही है।
मोहम्मद रमजान, अण्डा थोक व्यापारी, शहडोल

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