341.5 मीटर जलभराव होने पर गेट खोलने का लिया गया निर्णय
341.5 मीटर जलभराव होने पर गेट खोलने का लिया गया निर्णय
शहडोल. जिले में शुक्रवार की रात हुई तेज बारिश ने जहां नदी नालों को उफान पर ला दिया, वहीं जलाशय व बांध भी लबालब हो गए है। बाणसागर बांध में भी निर्धारित क्षमता के अनुसार जलभराव होने से सोमवार को प्रबंधन ने बांध के तीन गेट खोल दिए हैं। जिससे करीब 1000 क्यूमेक्स (क्यूबिक मीटर पर सेकंड) पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को करीब 12 बजे एसई आरपी ङ्क्षसह कंवर की मौजूदगी में गेट खोला गया। गेट खुलते ही बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम पहुंच गया। प्रबंधन ने बताया कि बांध में अभी 1300 क्यूमेक्स की रफ्तार से पानी का भराव हो रहा है। जिससे मंगलवार को भी कुछ गेट खोले जा सकते हैं। जिस वक्त बाणसागर गेट खोला गया, उस समय बांध 341.5 मीटर भर चुका था।
टर्बाइन से नमी दूर करने 72 घंटे का समय
प्रबंधन के अनुसार, टर्बाइन की नमी दूर करने ड्रग आउट पानी छोड़ा गया है। जिसके लिए 72 घंटे का समय लगता है। जरूरत पडऩे पर कल टर्बाइन के तीन गेट खोले जाएंगे। जिससे एक टर्बाइन से 20 व तीनों टर्बाइन मिलाकर 60 मेगावाट बिजली उत्पन्न होगी।
तीन गेट खुलने से नहीं होगा खतरा
बाणसागर बांध के एसई आरपी सिंह कंवर ने बताया कि बाणसागर में कुल 18 गेट हैं, सोमवार को 3 गेट खोले गए हैं। जिससे बांध के आसपास के क्षेत्र के लोगों को खतरा नहीं होगा। इसके लिए पहले ही सोन नदी के किनारे बसे गांव कुमिहा, चंदोला, चचाई को अलर्ट कर दिया गया था।
24 घंटे पहले किया सूचित, उत्तरप्रदेश और बिहार में भी किया अलर्ट
बाणसागर परियोजना प्रबंधन ने गेट खोलने के 24 घंटे पहले बांध व सोन नदी के आसपास बसे गांव में मुनादी करा दी थी। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश,बिहार सहित मध्यप्रदेश के रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली के कलेक्टरर्स को अलर्ट पत्र जारी कर दिया था, ताकि लोग सतर्क रहें। प्रबंधन ने सोमवार को सायरन बजते ही बांध के पहले दो गेट खोले गए। वहीं कुछ देर बाद तीसरे गेट को भी खोल दिया गया।
हर वर्ष खोले जाते हैं गेट
प्रबंधन ने बताया कि बांध की कुल क्षमता 341.64 मीटर हैं, बारिश में क्षमता के करीब पहुंचने पर हर वर्ष गेट खोले जाते हैं। इसमें भराव व पानी की आवक क्षमता पर निर्भर करता है कि कितने गेट खोला जाना है। सभी को अलर्ट कर दिया गया है।
जलस्तर बढऩे से कुमिहा नदी में फंसे दो मछुआरे
बाणसागर बांध का पानी छोड़े जाने के बाद सोन नदी का जल स्तर बढ़ गया है। सोमवार की शाम करीब 4 बजे ग्राम कुमिहा में मछली मारने गए पांच मछुआरे पानी के तेज बहाव में फंस गए। जिसमें तीन लोगों ने किसी तरह बाहर निकल आए। वहीं विजय कोल व राजेश कोल अपनी जान बचाने पेड़ पर चढ़ गए। स्थानीय लोगों को जानकारी लगते ही पुलिस को सूचित किया गया। देवलोंद से थाना प्रभारी डीके दाहिया दल बल के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया व एसडीइआरएफ को रेस्क्यू की जानकारी दी। शाम करीब 7.30 बजे शहडोल से एसडीइआरएफ की 7 सदस्यीय टीम कुमिहा के लिए रवाना हुई। वहीं जानकारी में बताया गया कि रीवा से भी रेस्क्यू टीम को बुलाया गया है। पुलिस देर शाम तक दोनों के सुरक्षित पेड़ पर चढ़े होना बताया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि शहडोल व रीवा से रेस्क्यू टीम रवाना हो गई है। दोनों मछुआरे अभी सुरक्षित हैं। पानी का तेज बहाव होने के कारण वह नदी पार नहीं कर पाए।