
बरगवां. सोन नदी के बटुरा और चाका घाट में पोकलीन मशीन रोज रात को सोन नदी का सीना छलनी कर रही है। पोकलीन मशीन दिन को सोन नदी के ऊपर खड़ी रहती है और अंधेरा होते ही रेत उत्खनन का कार्य शुरू कर देती है। जिससे 60 से 70 डंम्पर रेत सोन से रोज निकाली जा रहीं है। इतना ही नहीं रेत माफिया गुंडागर्दी पर भी उतारू है। आस- पास जाने वालों के साथ मारपीट भी की जा रही है। इसके बाद भी खनिज विभाग अनजान बना हुआ है।
गांम पंचायत बकही सरपंच नान दाऊ ने शिकायत में बताया है कि सोन नदी के बटुरा और चाका दोनों घाट में अबैध रेत उत्खनन का कार्य तेजी से चल रहा है। जिसकी शिकायत खनिज विभाग से की जा चुकी है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। करीबन एक महीनें से पाकलीन मशीन से रेत उत्खनन कार्य हो रहा है। जिसमें सैकड़ों मजदूर काम कर रहे है। पोकलेन मशीन नदी में शाम 7:00 बजे से सुबह 6:30 बजे तक डम्परो में रेत भर रहीं है। यहां से रीवा, सतना और इलाहाबाद तक रेत की सप्लाई हो रही है। रेत माफिया गुंडा गर्दी कर रहा है। पिछले हफ्ते मछली पकडऩे वाले आधा दर्जन युवकों के साथ मारपीट भी हो चुकी है। इसके बाद भी पुलिस और खनिज दोनों विभाग चुप्पी साधे हुए है। इन दोनों घाटो पर वर्षो से रेत और कोयले का अबैध उत्खनन किया जा रहा है। जिसमे बरसात में काम धीमा हो गया था। नवम्बर माह से फिर यह कारोबार जोर पकड़ लिया है। जिसकी शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रहीं है।
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गुजरात प्रशिक्षित गौ सेवक करेंगे आंदोलन
शहडोल. प्रशिक्षित गौ सेवकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांगें न माने जाने की दशा में आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन में कहा गया कि प्रत्येक पंचायत स्तर पर मप्र शासन पशुपालन विभाग द्वारा गौ सेवकों को छै मासिक प्रशिक्षण तथा एक मासिक प्रशिक्षण दिया गया था। त्रिस्तरीय पंचायत राज्य अधिनियम के पशुपालन विभाग में अंतर्गत यह लेख किया गया है कि भविष्य में होने वाली नियुक्तियां तृतीय व चतुर्थ श्रेणी पदों की पूर्ति प्रतिक्षित गौ सेवकों द्वारा की जाएगी। लेकिन पशुपालन विभाग गौ सेवकों को उपेक्षित करता आ रहा है। मांगे नहीं मानी गईं तो ८ जनवरी को आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने वालों में राजबहादुर मिश्रा, शंकर्षण प्रसाद शुक्ला शामिल रहे।