मंडी बंदी से 15 करोड़ की हानि, जानिए कैसे?

किसान आंदोलन के प्रारंभ होने के साथ जो नगर स्थित अनाज व सब्जी मंडी में कामकाज बंद हुआ था वह 57 दिन बाद भी बंद है। मंडी बंद होने से शहर का पूरा कारोबार प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र से जो किसान अनाज व अन्य उपज लेकर आते थे वे पूरी तरह बंद है।

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Jul 28, 2017
15 million losses from Mandi captives, know how?
शुजालपुर.
किसान आंदोलन के प्रारंभ होने के साथ जो नगर स्थित अनाज व सब्जी मंडी में कामकाज बंद हुआ था वह 57 दिन बाद भी बंद है। मंडी बंद होने से शहर का पूरा कारोबार प्रभावित हो रहा है। क्षेत्र से जो किसान अनाज व अन्य उपज लेकर आते थे वे पूरी तरह बंद है। क्षेत्र से उपज अन्य मंडियों में जा रही है। इसके चलते करोड़ों रुपए का नुकसान मंडी सहित व्यापारियों को हो चुका है। साथ ही सैकड़ों श्रमिक पिछले दो महिने से बेरोजगारी की हालत में है। सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों की नीतियों के कारण हजारों लोग प्रभावित हो रहे है।

किसान आंदोलन 1 जून से प्रारंभ हुआ था तभी से अनाज व सब्जी मंडी जो कि कृषि उपज मंडी समिति संचालित करती है बंद हो गई थी। इसके उपरांत 8 जून से मंडी में समर्थन मूल्य पर प्याज की खरीदी प्रारंभ हो गई। प्याज खरीदी का काम 10 जुलाई तक चला। इसके उपरांत प्याज खरीदी का कार्य तो बंद हो गया, लेकिन मंडी से प्याज का उठाव नहीं हो सका। कृषि उपज मंडी के प्रांगण क्रमांक-3 जहां पर किसानों की उपज को नीलाम किया जाता है वहां पर तीनों शेड के नीचे सहित परिसर में ही बने भवन के नीचे भी प्याज रखी हुई है जो कि बारिश की वजह से खराब भी हो रही है। क्षेत्र में किसानों के पास सोयाबीन, मसूर सहित अन्य उपज है जो किसान बेचना चाहते है, लेकिन मंडी शुरू नहीं होने से किसान भी नहीं बेच पा रहे है।

व्यापार हुआ प्रभावित

नगर का संपूर्ण व्यापार ग्रामीण अंचलों से होने वाली ग्राहकी पर निर्भर रहता है। मंडी में आवक होने पर ही बाजार गुलजार रहते है, लेकिन अनाज व सब्जी मंडी बंद होने के कारण नगर का संपूर्ण व्यापार ठप सा हो चुका है। उधर अनाज व्यापारी भी लगभग दो माह से काम काज नहीं कर पा रहे है। अनाज मंडी पर सैकड़ों हम्मालों का परिवार सहित लगभग 500 महिलाएं काम काज करती है वे भी रोजगार से वंचित हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार मंडी बंद होने के कारण करीब 15 करोड रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ है।

मंडी समिति को भी नुकसान

कृषि उपज मंडी के दोनों प्रांगणों का उपयोग समर्थन मूल्य पर प्याज खरीदी तथा भंडारण के लिए हुआ। यह कार्य मार्केटिंग सोसायटी तथा नागरिक आपूर्ति निगम ने किया। इस खरीदी के बदले मंडी समिति को तो कोई राशि नहीं मिली बल्कि मंडी शुल्क का नुकसान हो गया। मंडी सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार करीब 3 करोड रुपए का मंडी शुल्क दो माह में प्राप्त हो जाता जो कि नहीं मिल सका। मंडी प्रशासन की ओर से लगातार अधिकारियों को प्याज हटवाने के लिए पत्र व्यवहार किया जा रहा है।

मंडी परिसर से प्याज हटवाने के लिए निरंतर सूचना-पत्र जारी किए गए, लेकिन अभी तक प्याज नहीं हटाए गए। मंडी शुल्क का नुकसान तो हुआ है। दो माह तक परिसर का जो उपयोग किया गया उसके लिए नागरिक आपूर्ति निगम को 1 लाख रुपए भाड़ा देने का मांग पत्र दिया गया है। मंडी से पत्र व्यवहार नागरिक आपूर्ति निगम, प्रशासनिक अधिकारियों व प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड को किया गया है।

कैलाश सोनी, अध्यक्ष, कृषि उपज मंडी-शुजालपुर

अनाज व्यापारी करीब दो माह से बेरोजगारी की हालत में है। मंडी बंद होने से कामकाज नहीं चल रहा है। व्यापारियों को गोदाम किराया, बिजली खर्च कर्मचारियों के वेतन बिना व्यापार के भुगतना पड़ रहा है। मंडी समिति से घोष विक्रय प्रारंभ करने के लिए लगातार अनुरोध किया जा रहा है।

गोपाल गोयल, अध्यक्ष, अनाज व्यापारी संघ-शुजालपुर
Published on:
28 Jul 2017 12:20 am
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