राज्य शिक्षा मंडल कक्षा 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए नई सौगात लाया है। इसके अंतर्गत पांच विषय में पास और एक विषय में फेल होने वाले विद्यार्थी को भी पास किया जाएगा। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रायोगिक और सैद्धांतिक परीक्षा में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। तभी इस योजना का लाभ मिल सकेगा। राज्य शिक्षा मंडी ने बेस्ट फाइव पद्धति लागू की है। यदि कोई एक विषय किसी विद्यार्थी के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है और मुख्य परीक्षा में बच्चा एक विषय में अनुत्तीर्ण हैं तो उसे पास माना जाएगा।
राज्य माध्यमिक शिक्षा मंडल ने गत दिनों हुई बैठक में बेस्ट फाईव पद्धति वर्ष 2017-18 के लिए लागू की है। इसके माध्यम से अब शिक्षा विभाग विद्यार्थियों के सिर से परीक्षा का कुछ बोझ कम करने जा रहा है। दरअसल, हाल में ही में फेल होने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य शासन द्वारा रुक जाना नहीं योजना शुरू की थी। इसी तर्ज पर अब बेस्ट फाइव पद्धति लागू होने जा रही है। यह पद्धति खासकर 9वीं और 10वीं के विद्यार्थियों के लिए है। इन कक्षाओं के विद्यार्थियों को किसी एक कठिन विषय में परेशानी आती है या ये किसी एक विषय में फेल हो जाते हैं।
पूरे वर्ष के अंकों का होगा आंकलन
योजना के तहत विद्यार्थी की त्रैमासिक और छह: मासिक परीक्षा के अंकों का आंकलन किया जाएगा। यदि इन दोनों परीक्षाओं में संबंधित विषय को छोड़कर सभी विषय में बेहतर अंक प्राप्त किए हो तो सभी अंकों के आधार पर उसे बोनस अंक दिए जाएंगे और उत्तीण माना जाएगा। इसके लिए विद्यार्थी को अन्य विषयों में अच्छे अंक लाना होंगे।
प्रायोगिक-सैद्धांतिक परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी
इस नियम को लागू करने और इसका लाभ विद्यार्थियों को दिए जाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक शर्त भी रखी है और वो ये है कि उसे सैद्धांतिक और प्रायोगिक दोनों परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक लाना होंगे। यदि वह इन दोनों परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण होता है तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। जुलाई माह में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है, जिसे अगले सत्र यानी 2017-18 से लागूू कर दिया जाएगा।
पद्धति लागू करने का पत्र मिला है
बेस्ट ऑफ फाइव पद्धति लागू करने का पत्र मिला है। शैक्षणिक सत्र 2017-18 में यह पद्धति लागू की जाएगी। इसके तहत कमजोर विषय में अनुत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों के पूरे वर्ष के अंकों का आंकलन किया जाएगा और उसी के आधार पर विद्यार्थी को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। इसके लिए उसे प्रायोगिक और सैद्धांतिक परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। - विवेक दुबे, प्रभारी सहायक संचालक शिक्षा