पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जेब पर बढ़ रहा बोझ हर किसी का बजट बिगाड़ रहा है। वहीं यूथ भी अब इस समस्या के विकल्प तलाश रहा है, ताकि बचत की जा सके...
पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते एक साल में शहर की सड़कों पर इलेक्ट्रिक स्कूटरों व अन्य ई-वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल आया है। हालांकि अभी बड़े शहरों के मुकाबले संख्या काफी काम है, लेकिन औसतन एक माह में 15 से 20 वाहन रजिस्टर्ड हो रहे हैं। ईंधन के बेहतर विकल्प के रूप में श्योपुर जैसे छोटे शहर में ऐसे वाहनों की संख्या बीते एक साल में 4 गुना तक बढ़ गई है। सरकार भी ई व्हीकल के रजिस्ट्रेशन पर टैक्स में 9 फीसदी तक की रियायत दे रही है।
ये हैं ई-स्कूटी के फायदे
1. इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाने में कम खर्चा आना
2. पेट्रोल के स्कूटरों के मुकाबले ई-स्कूटी की कीमत कम होना
3. बार-बार सर्विस करवाने की जरूरत नहीं
4. बैटरी को अपग्रेड किया जा सकता है
5. साइलेंट होती है इलेक्ट्रिक स्कूटर
6. प्रदूषण नहीं करती इलेक्ट्रिक स्कूटर
8. टेक्स से राहत
9. घर पर ही चार्ज करना आसान
10. टेलपाइप उत्सर्जन जीरो
निश्चित रूप से बीते एक-डेढ़ साल में श्योपुर शहर में ई-वाहनों की मांग बढ़ी है। यही वजह है कि लगातार शहर में ई-स्कूटी और ईरिक्शा की संख्या बढ़ी है। आगामी दिनों में ये संख्या और बढ़ने वाली है।
- हर्ष वर्मा, संचालक, ई-स्कूटी शोरूम, श्योपुर