वर्ष 2023 में ठेका पद्धति से नपा को मिला था 25 लाख 11 हजार रुपए का राजस्व
श्योपुर. एकीकृत बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण और यहां विभिन्न सुविधाएं विकसित किए जाने के उद्देश्य से शुरू की गई अस्थाई दखल वसूली से बस स्टैंड का विकास तो दूर की बात नपा यहां से अस्थाई दखल की 25 प्रतिशत राशि भी वसूल नहीं कर पा रही है। इस वसूली के माध्यम से नगरपालिका को एक बड़ा राजस्व प्राप्त होता है, जिसे नगर पालिका अपने मुताबिक खर्च करती है। लेकिन समय-समय पर अपने कर्मचारियों की तनख्वाह को तरसने वाली नपा इस वसूली के लिए कतई गंभीर नजर नहीं आ रही है।
बस स्टैंड पर आने वाली यात्री बसों, भारी वाहन व अन्य वाहनों से अस्थाई दखल राशि प्राप्त करने के लिए नगर पालिका प्रशासन द्वारा यहां अस्थाई दखल वसूली का ठेका शुरू किया गया था। वर्ष 2023 में नपा को अस्थाई दखल वसूली ठेके के माध्यम से 25 लाख 11 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ था। लेकिन मार्च 2024 में संबंधित ठेकेदार का ठेका पूरा होने के बाद नपा ने यहां नवीन ठेका स्वीकृत नहीं किया बल्कि स्वयं अस्थाई दखल की वसूली करने में जुट गई। लेकिन जो राशि नपा को ठेकेदार से राजस्व के रूप में प्राप्त हुई थी नपाकर्मी बस स्टैंड से उसका 25 प्रतिशत भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं। नपाकर्मी कभी 600 रुपए राजस्व के रूप में ला रहे है तो कभी 700 रुपए अस्थाई दखल वसूली के नपा के राजस्व में जमा कर पा रहे हैं। यही वजह है कि, नगर पालिका जो समय-समय पर अपने कर्मचारियों की तनख्वाह तक नहीं दे पाती वह न तो ठेका पद्दति से मिलने वाली बड़े राजस्व के प्रति गंभीर है और न ही जिम्मेदारी से स्वयं अस्थाई दखल की राशि वसूल कर पा रही है।
नगर पालिका ने मार्च 2023 में टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से 25 लाख 11 हजार रुपए में बस स्टैंड पर अस्थाई दखल वसूली का ठेका दिया था, लेकिन मार्च 2024 में ठेका पूरा होने के बाद से नपा आज तक बस स्टैंड के अस्थाई दखल वसूली का ठेका नहीं दे पाई है। यदि नपा टेंडर प्रक्रिया के तहत वर्ष 2024 और 2025 में अस्थाई दखल वसूली का ठेका स्वीकृत करती तो नपा को इससे लगभग 50 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता।
एकीकृत बस स्टैंड से आवाजाही करने वाली यात्री बसों के साथ भारी वाहन, जीप, कार, लोङ्क्षडग वाहन से अस्थाई दखल की वसूली की जाती है। लेकिन ठेकेदार एक साल की वसूली के लिए 25 लाख से अधिक का राजस्व नपा को देने के बाद भी मुनाफा कमाता है तो नगर पालिका एक साल में यहां से महज ढाई से तीन लाख रुपए का राजस्व की क्यों वसूल कर पा रही है।