6 जून 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के कुनो में 40 साल बाद दिखी दुर्लभ ‘बिल्ली’, कैमरे में कैद हुई तस्वीर

Kuno National Park: मध्य प्रदेश के श्योपुर में स्थित कुनो में 40 साल के बाद एक अनोखा वन्यजीव दिखा है।इस जानवर की तस्वीर जंगल में लगाए गए ट्रैप कैमरे कैद हो गई।

2 min read
Google source verification
rare wildlife species Caracal found kuno national park mp news

rare wildlife species Caracal found in kuno national park (फोटो- Patrika.com)

Kuno National Park: चीतों का घर कहे जाने वाले मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित कूनो नेशनल पार्क की पारिस्थितिकी बेहतर हेाने के चलते अब यहां दुर्लभ और विलुप्त प्रजातियों के वन्यजीवों की भी उपस्थिति सामने आ रही है। इसी क्रम में अब कूनो में दुर्लभ वन्यजीव केरेकल (Caracal) मिला है। जिसे हिंदी में शियागोश के नाम से जाना जाता है। ये एक जंगली बिल्ली है, जो कूनो नेशनल पार्क ही नहीं बल्कि इस क्षेत्र में पिछले 40 सालों से भी अधिका समय से नहीं देखी गई थी, लेकिन अब ये कूनो के जंगल में लगाए कैमरा ट्रैप में कैद हुई है।

40 साल बाद कुनो में दिखी शियागोश

कूनो नेशनल पार्क में प्रबंधन ने वन्यजीवों की निगरानी के लिए कई जगह कैमरा ट्रैप लगाए हुए हैं। इन्हीं में से एक कैमरे में बीती रात केरेकल(स्याहगोश) नजर आया है। लगभग 40 साल बाद फिर से कूनो के जंगल में स्याहगोश की वापसी इस तथ्य को उजागर करती है कि किसी एक प्रमुख प्रजाति के संरक्षण के प्रयास पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को लाभ पहुंचा सकते हैं। कूनो वन्यजीव संरक्षण के एक सफल मॉडल के रूप में उभर रहा है।

देश में 50 से भी कम की संख्या में शियागोश

शियागोश एक मध्यम आकार की दुर्लभ और फुर्तीली जंगली बिल्ली है जो अपने विशिष्ट काले, लंबे और गुच्छेदार कानों के लिए जानी जाती है। यह हवा में लगभग 2-3 मीटर तक छलांग लगाने और उड़ते हुए पक्षियों को भी लपक कर शिकार करने की अद्भुत क्षमता रखती है। यह शुष्क क्षेत्रों, घास के मैदानों और रेतीले इलाकों में रहना पसंद करती है। भारत में यह मुख्य रूप से राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। लेकिन भारत में इनकी संख्या बहुत तेजी से घटी है और इनकी आबादी 50 से भी कम रह गई है। इसलिए, इसे वन विभाग ने विलुप्त प्रजाति के शेड्यूल-1 की सूची में शामिल किया हुआ है।

पिछले एक साल में कूनो में ये मिले दुर्लभ वन्यजीव

  • फॉरेस्ट आउलेट(वन उल्लू) को दिसंबर 2025 से यहां नियमित रूप से देखा जा रहा है।
  • जंगली कुत्ता (ढोल) भी कूनो में पहले कभी इस क्षेत्र में मौजूद नहीं था, लेकिन अब दिखाई दिया है।
  • भारतीय भेडिय़ा भी जो विलुप्त श्रेणी में शामिल है, वो भी कूनो में दिख रहा है।

कुनो में वापस लौट रहे विलुप्तप्राय वन्यजीव- डीएफओ

केरेकल विलुप्त प्रजाति का वन्यजीव है और ये एक जंगली बिल्ली है। कूनो के कैमरा ट्रैप में ये नजर आया है, जो सुखद संकेत है कि विलुप्तप्राय वन्यजीव फिर से कूनो में लौट रहे हैं।-आर थिरुकुराल, डीएफओ, कूनो नेशनल पार्क श्योपुर