शिवपुरी

आखिर ऐसा क्या किया कि रजिस्ट्री में बचा लिए साढ़े तीन करोड़

जमीन की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा, रजिस्ट्रार बोले : कूट रचना हमारे यहां नहीं हुई, राजस्व विभाग कर रहा जांच  

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शिवपुरी. जिले के कोलारस विकासखंड अंतर्गत मड़ीखेड़ा व डेहरवारा क्षेत्र में 175 बीघा जमीन की रजिस्ट्री के एक मामले में सिंचित जमीन को असिंचित बताने के साथ ही हजारों पेड़ों को विलोपित करके लगभग 3.5 करोड़ की स्टाम्प शुल्क की चोरी किए जाने की एक शिकायत प्रशासन व लोकायुक्त में की गई। महत्वपूर्ण बात यह है कि उक्त रजिस्ट्री कोलारस में न कराते हुए शिवपुरी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में करवाई गई। जिला रजिस्ट्रार का कहना है कि कूट रचना हमारे यहां नहीं हुई, मामले की जांच राजस्व विभाग कर रहा है।
कोलारस के मड़ीखेड़ा व डेहरवारा गांव में स्थित 175 बीघा जमीन की रजिस्ट्री 30 दिसंबर 2016 को शिवपुरी रजिस्ट्रार कार्यालय में कराई गई। जिसमें भूमि विक्रेता मंजीत कौर व उनके पुत्रों द्वारा क्रेता सुखचैन सिंह, चरनजीत सिंह, गुरबिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह निवासी पंजाब के नाम से की गई। इस रजिस्ट्री में भूमि को असिंचित बताया गया, जबकि शिकायतकर्ता ने उक्त भूमि का वो खसरा-खतौनी निकलवाया, जिसमें भूमि पर लगभग 14 हजार पेड़ एवं ट्यूबवेल व फार्म हाउस आदि का उल्लेख किया गया है। इस खसरा-खतौनी में रजिस्ट्री के दौरान उप पंजीयक कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा फोटोशॉप की मदद से खसरा-खतौनी में से उक्त सभी चीजें विलोपित कर दी थीं। सिंचित से असिंचित करने में जहां स्टांप शुल्क में डेढ़ गुना अधिक राशि खर्च की जानी थी, इसके अलावा पेड़ों की रेट तय करके उस पर भी स्टांप शुल्क लगाया जाना था।

चल रही जांच
डेहरवारा-मड़ीखेड़ा वाली रजिस्ट्री में जो कुछ भी कूट रचना की गई, वो हमारे कार्यालय में नहीं हुआ। उस मामले की जांच राजस्व विभाग द्वारा की जा रही है।
ओपी अंब, जिला रजिस्ट्रार शिवपुरी

मौके पर कुछ नहीं मिला
रजिस्ट्री कराने के लिए यदि कोई आता है तो हम उसके दस्तावेज को आधार मानकर करते हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि वहां पर 14 हजार पेड़ हैं, जबकि मौके पर जांच करने में नहीं मिले। इस मामले में तहसीलदार व एसडीएम की भी रिपोर्ट लगी है।
एके श्रीवास्तव, सब रजिस्ट्रार शिवपुरी

शिकायत पर पीएस ने किया महिला पटवारी को निलंबित
शिवपुरी. खनियांधाना के ग्राम रेडी अहमदपुर हल्के में पदस्थ पटवारी प्रीति रत्नम त्रिपाठी को राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अरुण पांडेय ने निलंबित कर दिया। ग्रामीण संग्राम सिंह व सिरनाम सिंह ने पीएस से शिकायत की थी कि पटवारी प्रीति पिछले 11 साल से भोपाल में अपने बच्चों को पढ़ा रही है, जबकि उसका भाई पटवारी का काम देख रहा है। पीएस ने सीएलआर से जांच करवाई तो उक्त ग्रामीणों ने ही बयान दिए थे। वहीं प्रीति का कहना है कि मेरी शादी को ही 3 साल हुए हैं तथा ऑपरेशन से मेरी बेटी हुई है। मैं मेटरनिटी लीव पर हूं और बिना मेरा पक्ष जाने ही मेरे खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। प्रीति ने बताया कि उक्त ग्रामीण पैसे वाले हैं और मुझ पर बीपीएल कार्ड बनवाने का दवाब बना रहे थे। जब मैंने मना कर दिया तो उन्होंने मेरी झूठी शिकायत कर दी

Published on:
09 Nov 2017 10:56 pm
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