
MLA representative in police station: मध्यप्रदेश में अपने बयानों और कार्यों के लिए चर्चा में रहने वाले शिवपुरी के पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गए है। इस बार उन्होंने एक ऐसा आदेश दिया है, जो शायद देश के किसी अन्य विधायक ने कभी नहीं दिया होगा। सोशल मीडिया पर उनके नाम के लेटरहेड वाला एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस थानों में विधायक प्रतिनिधि नियुक्त करने का आदेश दिया है। विधायक लोधी के समर्थक खुद इस पत्र को वायरल कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि भारत के नियम और कानून के अनुसार, किसी भी सांसद या विधायक को इस तरह नियुक्ति करने का अधिकार नहीं है।
वायरल पत्र के अनुसार, भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के मायापुर, बामौरकलां, खनियांधाना थाना के लिए अपने विधायक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिए हैं। उन्होंने मायापुर थाना क्षेत्र के लिए लोकेंद्र यादव बंटी, बामौरकलां थाना क्षेत्र के लिए उदय सिंह यादव और खनियांधाना क्षेत्र के लिए इंदर इंद्रल लोधी को विधायक प्रतिनिधि नियुक्त करने का आदेश दिया है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा विधायक पर निशाना साधा है। नेता प्रतिपक्ष उमग सिंघार ने वायरल पत्र को सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि 'बीजेपी के विधायकों को व्यवस्थागत प्रशिक्षण की ज्यादा जरूरत। उन्होंने लिखा कि शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा के विधायक प्रीतम लोधी ने अपने क्षेत्र के थाने का भी विधायक प्रतिनिधि नियुक्त कर दिया।' उमंग सिंघार ने आगे कहा कि 'भाजपा को चाहिए कि विधायकों को व्यवस्थागत प्रशिक्षण दे कि उन्हें क्या नहीं करना है। ऐसा नहीं हुआ तो गली-मोहल्लों के लिए भी विधायक अपने प्रतिनिधि बना देंगे।'
वहीं, ग्वालियर लोकसभा सीट से पूर्व सांसद विवेक शेजवलकर ने प्रीतम लोधी का बचाव किया है। उनका कहना है कि यह प्रतिनिधि केवल जनता के काम लिए नियुक्त किए गए हैं। जिनका काम जनता के बीच समन्वय बैठाना है।
इस वायरल पत्र को लेकर शिवपुरी के कलेक्टर रविंद्र चौधरी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। कलेक्टर ने कहा कि 'जहां तक मेरी जानकारी है, थानों में प्रतिनिधि नियुक्ति का प्रावधान नहीं है। एसपी अमर सिंह ने भी ऐसे किसी भी प्रावधान के नहीं होने की बात कही है।