शहर में विकास के नाम पर चलाई जा रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम अब दिशाहीन होती जा रही है। शनिवार की देर दोपहर नपा व प्रशासन का अमला मीट मार्केट में पहुंचा और चबूतरे तोड़कर आगे बढ़ गया। सड़क की चौड़ाई नापने में जब भेदभाव किया तो वहां तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। हालात ये बने कि अधिकारी सड़क पर घूमते हुए आगे निकल गए और कर्मचारी उनके लौटने का इंतजार ही करते रहे। इसके बाद शाम को नपा कर्मचारी मिर्ची बाजार में पहुंच गए और वहां लाल स्याही से निशान लगा दिए। यानि एक ही दिन में दो जगह पहुंचा अमला, लेकिन रास्ता एक भी साफ नहीं हो पाया।
दोपहर लगभग ढाई बजे एसडीएम शिवपुरी रूपेश उपाध्याय, नपा सीएमओ रणवीर कुमार, तहसीलदार नवनीत शर्मा, पुलिस को साथ लेकर मीट मार्केट पहुंचे। हाईवे से मीट मार्केट जाने वाले रास्ते को शुरुआत में 40 फीट नापा और अंदर जाते ही सड़क की चौड़ाई 60 फीट कर दी। जिसमें लगभग 10 दुकानदारों के चबूतरे आए, जिन्हें जेसीबी से तोड़ दिया गया। इस दौरान एक मैकेनिक की दुकान के सामने वाहन की बॉडी का अगला हिस्सा जब बाहर रखा मिला, तो एसडीएम ने उसे उठवा कर जब्त करवा दिया। जब नपाकर्मी उसे लेकर वाहन में रख रहे थे, तभी वर्कशॉप संचालक आया और गाली-गलौच करके उसे वाहन से नीचे उतरवा लिया। उसका कहना था कि यह तो ग्राहक का है। यह देखते ही एसडीएम ने उसे फिर से नपा के वाहन में रखवा दिया। सड़क की चौड़ाई कहीं 40 तो कहीं 60 नापने की इस दोहरी नीति के खिलाफ स्थानीय लोग एकजुट हो गए और माहौल बिगड़ता देख अधिकारी आगे बढ़ गए। जबकि मदाखलत अमला उनके लौटने का इंतजार करता रहा।
नापतौल के दौरान रामजीलाल कुशवाह के कमरे की दीवार पर 10 फीट लिख दिया। रामजीलाल ने कहा कि मेरा कमरा तो 8 फीट में ही बना है, तो 2 फीट किसकी बढ़ाओगे। इस पर नपा कर्मचारी चुप्पी साध गए। नापतौल में नपा के एकाउंटेंट कुर्रेशी का मकान भी नाप दिया गया।