शिवपुरी

आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में बड़ी कार्रवाई, दो और गिरफ्तार, अभी तक दो दर्जन से ज्यादा केस दर्ज

Constable recruitment fraud - मध्यप्रदेश में आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा 2023 में हुए बड़े फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई की गई है।

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Jun 07, 2025
Constable recruitment fraud (image-source-patrika.com)

Constable recruitment fraud - मध्यप्रदेश में आरक्षक जीडी भर्ती परीक्षा 2023 में हुए बड़े फर्जीवाड़े में बड़ी कार्रवाई की गई है। शनिवार को शिवपुरी पुलिस ने इस केस में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया। अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जिन्हें जेल भेज दिया गया है। शिवपुरी की सतनवाड़ा पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में जिले से 6 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में अब तक प्रदेश के 6 जिलों में दो दर्जन से ज्यादा दर्ज किए जा चुके हैं। इस बीच सीएम मोहन यादव ने भी इस केस में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद प्रदेशभर में हड़कंप मच गया है।

आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़े में कई उम्मीदवारों द्वारा लिखित परीक्षा से पहले अपने आधार कार्ड में कई बार अपडेट कराने की बात सामने आई है। फोटो और बॉयोमेट्रिक में बदलाव कराकर लिखित परीक्षा दी और इसके बाद फिर से आधार कार्ड में असली फोटो अपडेट करा लिया।

चयन सूची जारी होने पर दस्तावेजों के सत्यापन में फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। सत्यापन में लिखित परीक्षा के आवेदन में लगे फोटो और वर्तमान फोटो में अंतर पाया गया। इसके साथ ही कई उम्मीदवारों की हैंडराइटिंग में भी अंतर मिला। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि लिखित परीक्षा असल उम्मीदवार की बजाए किसी और ने दी थी।

सतनवाड़ा पुलिस इस केस में 6 उम्मीदवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 419 IPC व परीक्षा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।

शिवपुरी पुलिस ने ग्वालियर के अंकेश रावत को गिरफ्तार किया

मामले में शनिवार को शिवपुरी पुलिस ने ग्वालियर के करहिया थाना के जतरथी के रहनेवाले आरोपी अंकेश रावत को गिरफ्तार किया। 23 साल के अंकेश को जिला कोर्ट में प्रस्तुत किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस इससे पहले भितरवार थाना के धर्मेन्द्र गुर्जर को गिरफ्तार कर चुकी है।

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई कि जुलाई 2023 में आधार अपडेट कर फर्जी परीक्षार्थी का फोटो जोड़ा गया था। 16 अगस्त से 15 सितंबर के बीच परीक्षा दी गई। पता चला है कि अंकेश रावत ने छतरपुर के राजकुमार पासवान के माध्यम से आधार अपडेट कर सॉल्वर की व्यवस्था की थी। धर्मेन्द्र गुर्जर के लिए ग्वालियर के मुकेश गुर्जर ने सॉल्वर ढूंढा था। अंकेश रावत ने 7 लाख रुपए और धर्मेन्द्र गुर्जर ने 5 लाख रुपए दिए थे।

Updated on:
07 Jun 2025 09:27 pm
Published on:
07 Jun 2025 09:18 pm
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