शिवपुरी

बेरोजगार युवा जनसुनवाई में मांग रहे रोजगार

अधिकारियों ने भी आवेदनों को मार्क करके किया चलता  

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Jun 05, 2019
बेरोजगार युवा जनसुनवाई में मांग रहे रोजगार

शिवपुरी . शहर सहित जिले भर में बेरोजगारी का आलम यह है कि अब शहर के युवा जनसुनवाई में नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं।मंगलवार को जनसुनवाई में दो आवेदन नौकरी के लिए आए जिनमें युवाओं में अधिकारियों से गुहार लगाई कि उनकी माली हालत खराब हैं और वह योग्य भी हैं। इसके बाद भी वह रोजगार के लिए दर-दर की ठोकरंे खा रहे हैं। इधर अधिकारियों ने भी आवेदनों को मार्क कर मामले को चलता कर दिया।
जानकारी के मुताबिक शहर में रहने वाली युवती श्वेता भार्गव ने जनसुनवाई में दिए आवेदन में बताया कि वह शास्त्रीय संगीत गायन में डिग्री ले चुकी है। साथ ही जिला स्तर से लेकर संभाग स्तर तक यूथ फेस्टिवल में भी अपनी प्रस्तुति दे चुकी है। भागवत गीता व अन्य सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भी उसने भाग लिया है। श्वेता ने बताया कि उसे शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षक के रूप में संविदा नौकरी दी जाए। इससे वह अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर सके। दूसरी और संजय कॉलोनी निवासी ललिता करारे ने बताया कि वह मई २०१८ से जिला अंत्याव्यसाई सहकारी विकास समिति में काम करती थी। मेरी योग्यता एमए समाजशास्त्र ७५ फीसदी से है। ललिता ने बताया कि उसने मई से लेकर ६ माह तक काम किया और उसे वेतन के रूप में ८१८२ रुपए मिलते थे, लेकिन बाद में उसे नवम्बर माह में अकारण ही काम से हटा दिया गया। इससे वह बेरोजगार हो गई है। ललिता ने बताया कि उसका परिवार उस पर ही आश्रित है, परिवार में उसके वृद्ध ६५ साल के दिव्यांग पिता हैं। ऐसे में बेरोजगार होने के कारण वह अपने परिवार का गुजारा नहीं कर पा रही। ललिता ने बताया कि एक तरफ सरकार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है, दूसरी तरफ उसके रोजगार को जबरन ही बंद कर दिया गया। इस मामले में भी जिला पंचायत सीईओ एचपी वर्मा ने संबंधित विभाग को उक्त आवेदन मार्क कर दिया लेकिन उसका कोई समाधान नहीं किया गया।
नहीं मिल रही वृद्धावस्था पेंशन: पिछोर के ग्राम हीरापुर में रहने वाली रमती आदिवासी व हक्की आदिवासी ने आवेदन देकर वृद्धावस्था पेंशन दिलाने की मांग की है। दोनों का कहना है कि वह अंत्यत गरीब है और उनके पास अपना गुजारा करने के लिए कोई साधन नहीं है। ऐसे में उनको वृद्धावस्था पेंशन दिलाई जाए जिससे वह अपना कुछ तो खर्च उठा पाए।


स्कूल के लिए जमीन दान देकर लगाया ताला
जिले के ग्राम धाधियापुरा में रहने वाले लोगों ने मंगलवार को शिकायती आवेदन देकर मांग की है कि गांव में रहने वाली विमला यादव ने दो साल पूर्व अपनी दो बिस्वा जमीन शासकीय स्कूल के लिए दान दी थी, इसके बाद जब उस जमीन पर विभाग ने स्कूल बनवा दिया और उसमें बच्चे पढऩे लगे तो अब विमला ने जो जमीन दान में दी थी उसे वापस मांगने लगी और अब वर्तमान में उसने जमीन में बने स्कूल में ताला लगा दिया है। ऐसे में अब बच्चे जुलाई माह से कहां पढ़ेगे यह समझ से बाहर है। जबकि विमला ने जब जमीन दान दी थी उसकी उसका शपथ पत्र मौजूद है। इस मामले में स्कूल के प्रधानाध्यापक भी कई बार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को बता चुके हैं।

Published on:
05 Jun 2019 07:00 am
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