10 दिन के भीतर पांच दिन ध्वस्त हुए इंटरनेट सेवा, कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहा विभाग
सिद्धार्थनगर.बीएसएनएल के ब्राडबैंड सेवा से का बुरा हाल है। कई दिनों से सेवा के बदहाल होने से इस पर से लोगों का भरोसा उठने लगा है। भारत नेपाल सीमा पर इंटरनेट के साथ ही मोबाइल सेवा के लिए एक मात्र सहारा होने के कारण लोग न चाहते हुए भी बीएसएनएल की सेवा पर भी निर्भर रहना पड़ता है।
भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा कारणों से किसी अन्य मोबाइल कंपनी की सेवा नहीं मिल पाती है। ऐसे में बीएसएनएल सेवा के फेल होने से जिले का एक बड़ी जनसंख्या संचार सेवा से कटने के साथ ही अपनो से कट जाती है। आए दिन जिले में बीएसएनएल का ब्राडबैंड व मोबाइल सेवा ध्वस्त होने से सरकारी दफ्तरों में भी कामकाज भी अचानक ठप हो जाता है। ब्राडबैंड की सेवा के सहारे व्यापार करने वाले व्यापारियों को भी दुश्वारियां झेलनी पड़ती है। बैंकों में भी नेटवर्क फेल होने के कारण लेन देन ठप हो जाता है। कभी एक दो घंटे के लिए तो कभी पूरे-पूरे दिन नेट कनेक्टिविटी गायब हो जाती है। इससे लोगों को परेशानी होती है।
पिछले 10 दिनों में पांच दिन ब्रॉडबैंड व मोबाइल सेवा के बदहाल होने से लोगों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। बुधवार को सुबह फेल हुई सेवा देर रात बहाल हुई। नेटवर्क ध्वस्त होने से लोगों का काम प्रभावित हो रहा है। इसको लेकर जिम्मेदारों के पास कोई जवाब भी नहीं है। कहीं पर तार कटने व अन्य तकनीकी समस्याओं को लेकर जिम्मेदार कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहे हैं। आलम यह है कि ब्राडबैंड के सहारे चलने वाले सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों कर्मचारियों की किरकिरी हो रही है। लगातार शिकायतों के बाद भी सेवा में सुधार नहीं होने से लोगों में गुस्सा है।
प्रभावित होता है कारोबार
ब्रॉड बैंड सेवा के अक्सर फेल हो जाने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित होता है। व्यापारी अनिल सिंह की मानें तो ब्रॉड बैंड के सहारे ही ऑनलाइन ट्रांफसर, सामानों की आपूर्ति, आर्डर देने का काम किया जाता है। जब सेवा फेल होती है तो यह कार्य प्रभावित हो जाता है। ऐसे में दूसरी कम्पनियों की सेवा लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे तकनीकी परेशानियों से भी गुजरना पड़ रहा है। आए दिन कनेक्टिविटी फेल होने से एक दूसरे से संपर्क भी टूट जाता है। मोबाइल खिलौना बन जाता है।
BY- SURAJ KUMAR