
फ़ोटो सोर्स: पत्रिका, SSB और नेपाल पुलिस की मीटिंग
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा को और दुरुस्त करने के लिए SSB ने नए तरीके से सुरक्षा व्यवस्था पर काम करना शुरू किए हैं। शनिवार को बढ़नी सेक्टर में आयोजित एक हाई लेवल मीटिंग में यह निर्णय लिया गया। इस योजना में टेक्निकल सर्विलेंस, स्थायी चेक पोस्ट और स्मार्ट पेट्रोलिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। DG (SSB) संजय सिंघल की उपस्थिति में हुई इस बैठक में सीमा सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
DIG (SSB) रेंज गोरखपुर मुन्ना सिंह ने बताया कि सीमा सुरक्षा के सेकंड फेज की शुरुआत की जा रही है। इस चरण में सीमाई रास्तों पर स्थायी चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बॉर्डर से आने-जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की सघन जांच सुनिश्चित करना है। DIG ने कहा कि भारत-नेपाल की खुली सीमा मादक पदार्थों की तस्करी, जाली नोटों के नेटवर्क और मानव तस्करी जैसी कई चुनौतियां पेश करती है।
इन चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए डॉग स्क्वॉड को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत दो अतिरिक्त ट्रेंड डॉग की तैनाती की जाएगी, जिससे संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई की क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में सीमा के कुछ हिस्से 'डाइल्यूटेड' स्थिति में हैं, जिससे निगरानी कमजोर पड़ जाती है।
इस स्थिति को सुधारने के लिए बॉर्डर इंट्रैक्शन टीम (BIT) को अधिक सक्रिय किया जाएगा। यह टीम स्थानीय स्तर पर सूचनाएं जुटाकर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क करेगी। साथ ही, आधुनिक उपकरणों और डिजिटल मॉनिटरिंग के साथ तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाएगा।
DIG ने कहा कि आने वाले समय में 'स्मार्ट पेट्रोलिंग' को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत जवानों की गश्त को तकनीकी रूप से मॉनिटर किया जाएगा और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इससे सीमा के हर क्षेत्र की निगरानी सुनिश्चित की जा सकेगी। इस मीटिंग में IG (SSB) लखनऊ रतन संजय, कमांडेंट (50वीं वाहिनी) संजय कुमार, कमांडेंट (43वीं वाहिनी) उज्ज्वल दत्ता, SP सिद्धार्थनगर डॉ. अभिषेक महाजन, CO शोहरतगढ़ मयंक द्विवेदी तथा नेपाल पुलिस के DSP मोहन केसी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को और बेहतर बनाने पर भी विशेष चर्चा की गई।
Updated on:
12 Apr 2026 04:57 pm
Published on:
12 Apr 2026 04:57 pm
