गोरखपुर व फूलपुर चुनाव के बाद अब कैराना में मिली हार से भाजपाई सकते में है लेकिन फिर भी इसे सभी अन्तिम परिणाम नहीं मान रहे है।
सिद्धार्थनगर. उपचनुाव में भाजपा को मिल रही लगातार हार के बाद भाजपा का जनता के बीच पहुंचने का फार्मूला बदलता जा रहा है। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा व बसपा सबसे अधिक गंभीर है। यहीं कारण है कि भाजपा कार्यक्रमों के सहारे तो बसपा प्रत्याशी नुक्कड़ सभाओं के सहारे जनता के बीच बने हुए है जबकि सपा व कांग्रेस सरकार के नीतियों का विरोध करने तक ही सिमट कर रह गए हैं।
गोरखपुर व फूलपुर चुनाव के बाद अब कैराना में मिली हार से भाजपाई सकते में है लेकिन फिर भी इसे सभी अन्तिम परिणाम नहीं मान रहे है। भाजपाइयों का कहना है कि यह जनता का अन्तिम परिणाम नहीं है इससे घबराने की जरूरत नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष लाल जी त्रिपाठी ने कहा कि यह उपचुनाव के परिणाम से पार्टी की स्थिति व आगामी लोक चुनाव का भविष्य तय नहीं किया जा सकता है। कर्नाटक चुनाव परिणाम इस बात का प्रमाण है कि देश की जनता मोदी के कार्यों से खुश है। भाजपा कार्यक्रमों के सहारे लोगों के बीच पहुंचने का काम कर रही है। एक जून से 15 जून तक चलने वाले चौपाल कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी के लोग गांवों में चौपाल करेंगे तथा रात्रि प्रवास के दौरान लोगों को उनसे संबंधित सरकार द्वारा चलाई गई योजनाओं के बारे में जानकारी देंगे। जिससे लोगों को जोड़ा जा सके।
दूसरी तरफ बसपा ने भले ही प्रत्याशी की तस्वीर साफ नहीं की है लेकिन डुमरियागंज लोक सभा सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में अफताब आलम अभी से ही अपनी जमीन तैयार करने में जुटे है। जबकि सपा बसपा समझौता में अभी तक डुमरियागंज सीट के बंटवारे की बात भी फाइनल नहीं हो सकी है। सपा बसपा के बीच प्रत्याशी को लेकर परिणाम चाहे जो हो लेकिन बसपा प्रत्याशी आफताब आलम जिले में नुक्कड सभा व अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से जनता के बीच बनकर अपनी लोकसभा चुनाव की भूमि तैयार कर रहे है। इससे पहले आफताब आलम गोरखपुर क्षेत्र में विधानसभा सीट के लिए बसपा प्रत्याशी के रूप में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं। अब वह बुद्ध भूमि पर लोक सभा सीट से अपनी किस्मत आजमाने में लगे हुए हैं।
BY- SURAJ KUMAR