एसपी ने प्रेस वार्ता कर किया गुणगान, सवालों में कार्रवाई
सिद्धार्थनगर. गुरुवार की शाम एसएसबी के जवान उसके गांव के किनारे से जिस किशोर को पकड़कर ले जाते है उसी किशोर को पुलिस कप्तान चरस तस्कर बताकर शान से प्रेस वार्ता करते है। जिसको लेकर ग्रामीण किशोर के उठाए जाने के बाद से ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। इसके बाद भी कार्रवाई करने वालों को किसी का भय नहीं रहा। गुरुवार की शाम किशोर को उठाए जाने के तुरंत बाद ही ग्रामीणों ने नन्दपुर ककरहवा मार्ग को जाम कर दिया था। इसके बाद भी किशोर को चरस के साथ चालान कर दिया गया।
मोहाना थाना क्षेत्र के एक किशोर की तीन किलो चरस के साथ हुई गिरफ्तारी जिले भर में चर्चा का विषय बन गई है। लोग एसएसबी व पुलिस की कार्रवाई को संदेह के घेरे में खड़ी कर रही है। गुरुवार शाम पांच बजे के आस-पास ग्रामीणों ने ककरहवा-नंदनगर मार्ग को जाम कर मनोज पुत्र विक्रम निवासी बर्डपुर नम्बर चार टोला निरंजनपुर की रिहाई की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि एसएसबी ने खेत पर गए 15 साल के मनोज को पकड़ कर ले गई है। उन्हें डर है कि फर्जी मुकदमे में चालान कर देगी। ग्रामीणों ने लगभग एक घंटे तक रास्ता जाम किए रखा था। बड़ी लीडरशिप साथ में मौके पर नहीं होने की वजह से अंधेरा होने पर स्वत: जाम समाप्त कर घरों को वापस हो लिए थे। जिस समय रास्ता जाम किया जा रहा था उस समय मोहाना एसओ सौदागर राय को फोन कर घटना के विषय में जानकारी भी चाही गई तो उन्होंने कहा था कि किसी बच्चे को एसएसबी उठा कर ले गई है इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। मामला शुक्रवार दोपहर में तब उलझ गया जब एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने प्रेस कांफे्रस कर खुलासा किया कि मनोज पुत्र विक्रम को एसएसबी व मोहाना थाना की पुलिस ने भारत नेपाल सीमा के पिलर संख्या 544 (1) 37 के पास निरंजनपुर बगिया से गुरुवार शाम 6.15 बजे गिरफ्तार किया है। यहां सवाल यह है कि जब एसएसबी किशोर को चार बजे के आस-पास ही खेत से पकड़ कर ले गई थी और ग्रामीणों ने उसे छुड़ाने के लिए पांच बजे ही रास्ता जाम कर दिया था तो सवा छह बजे कैसे गिरफ्तारी हो गई। पुलिस की यह कार्रवाई जिले में चर्चा की विषय बनी हुई है। एसओ मोहाना सौदागर राय का कहना था कि चरस के साथ किशोर पकड़ा गया है। जब पूछा गया कि कल उसी बच्चे को लेकर ग्रामीण सड़क जाम कर रहे थे और एसएसबी द्वारा किशोर को उठा कर लेजाने के बाबत आप से पूछा गया था तो आपने ऐसी किसी जानकारी से इंकार किया था। यह सुनते ही उन्हों ने फोन कट कर दिया।