एमएलसी के इंतजार में थमी पुलिस जांच, चार माह से नहीं जारी हुई तीन सैकड़ा एमएलसी, न्यायालय में चालान नहीं प्रस्तुत हो पाने के कारण बढ़ रहे लंबित प्रकरण
सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और जिला अस्पताल में कराई गई एमएलसी रिपोर्ट पीडि़तों को तीन-चार महीना से नहीं दी गई। इसलिए सड़क दुर्घटना, मारपीट और दुष्कृत्य के कई मामले चिकित्सकों की लापरवाही के कारण पुलिस के पास लंबित हैं। वजह, महीनों तक चिकित्सकों द्वारा मेडिकल रिपोर्ट ही नहीं जारी की जा रही है।
बिना मेडिकल रिपोर्ट के पुलिस अपराध में सही धारा नहीं लगा पाती और न ही विवेचना और न्यायालय में चालान प्रस्तुत हो पाता है। जिला अस्पताल में ऐसे तीन सैकड़ा से ज्यादा मामलों की एमएलसी बीते चार माह से से लंबित हैं। इस कारण ज्यादातर थानों की पुलिस अपराधों का निराकरण नहीं कर पा रही है। छोटे केसों से लेकर बड़े मामलों की जांच थाना की फाइलों में बंद होकर रह जाती है।
सोन नदी हादसे की एमएलसी अटकी
सोन नदी के दिलदहला देने वाले ट्रक पलटने के हादसे में भी जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है। इस हादसे में 21 लोगों की घटना स्थल पर मौत हो गई थी। मेडिकल परीक्षण डॉ. अजय प्रजापति व डॉ. लक्ष्मण पटेल द्वारा किया गया था, किंतु आज दिनांक तक चिकित्सकों द्वारा एमएलसी नहीं जारी की गई।
ये मामले भी अटके
बहरी थाना अंतर्गत पतुलखी गांव निवासी अभिलाष पाठक पिता रामजी पाठक सड़क दुर्घटना में घायल हो गए। घटना 5 अप्रैल की है। उनका उपचार डॉ. अजय प्रजापति द्वारा किया गया किंतु तीन माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी एमएलसी नहीं जारी की गई है।
पांच माह बाद भी एमएलसी नहीं
29 फरवरी को सिटी कोतवाली अंतर्गत भमरहा गांव निवासी राधा साकेत पिता रामलाल साकेत 17 वर्ष के साथ मारपीट की गई थी। किंतु पांच माह से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी आज दिनांक तक मेडिकल रिपोर्ट नहीं जारी की गई।