उन्नत किस्म के बीजों से बढ़ जाता है 10-15 फीसदी उत्पादन, ये है कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह
सीधी। कृषि वैज्ञानिक डॉ. धनंजय सिंह व डॉ. अलका सिंह ने बताया कि यदि उन्नत बीज व उन्नत किस्म प्रयोग किया जाय तो उत्पादन बढिय़ा ही होगा। प्राय: देखा जाता है कि किसान भाई घर का बीज प्रयोग करते हैं। उससे अंकुरित पौधे हस्ट-पुस्ट नहीं होते। अंकुरण प्रतिशत भी कम होता है। लिहाजा, उचित उत्पादन नहीं मिल पाता है। बीज कई प्रकार के होते हैं।
किसान भाइयों को प्रजनक, आधार व प्रमाणित बीज चुनना है। प्रजनक बीज पांच साल, आधार बीज तीन साल व प्रमाणित बीज दो साल उपयोग कर सकते हैं। पहचान के लिए बोरी पर टैग लगा होता है। टैग सुनहरे-पीले रंग का है तो प्रजनक बीज है। सफेद हो तो आधार बीज होगा और टैग नीला है तो बीज प्रमाणित होगा।
ये है सलाह
वैज्ञानिकों ने बताया, उन्नत किस्म से उत्पादन 10-15 प्रतिशत बढ़ सकता है। विभिन्न फसलों की उन्नत किस्में हैं। जैसे धान के लिए 80-100 दिन में पकने वाली किस्में जेआर-201, सहभागी, दंतेश्वरी एवं 100-120 दिन में पकने वाली किस्में जेआर-81, एमटीयू-1010, पूसा सुगंधा-3, पूसा सुगंधा-4, पूसा सुगंधा-5, जेआरएच-5, जेआरएच-8 जेआरएच-9 किस्में है। इनकी बुवाई कर अधिक उत्पादन लिया जा सकता है। अरहर की फसल में टीजेटी-501, टीजेटी-401, जेकेएम-189, राजीव लोचन एवं आशा किस्मों की बुवाई करके अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
दलहन फसलों की इस तरह करें तैयारी
उड़द की फसल में पीयू-35, पीयू-30 एवं एलबीजी-20 किस्मों की बुवाई करके पत्ती पीला पडऩे वाले रोग से बचा सकता है। मूंग की फसल में टीएम-37, सम्राट, पूसा विसाल, हम-1 किस्मों की बुवाई करके पत्ती पीला पडऩे वाले रोग बच सकते हैं एवं अधिक उत्पादन भी लिया जा सकता है। तिल की फसल में टीकेजी-306, जेटीएस-8 किस्मो की बुवाई करके अधिक उत्पादन लिया जा सकता है एवं खेती को लाभ का धंधा बना सकते हैं।
कृषि विस्तार अधिकारियों के समर्थन में ज्ञापन दिया
अनिश्चित कालीन हड़ताल कर रहे ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को कृषि अधिकारी संघ का समर्थन मिल गया। शुक्रवार सामूहिक अवकाश लेकर वे भी हड़ताल में शामिल हुए। साथ ही वेतन विसंगति दूर करने, समयमान, वेतनमान संशोधन व पदोन्नति कर राजपत्र वर्ग दो घोषित करने की मांग करते हुए रवीश कुमार सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। डीएन तिवारी, एसपी पांडेय, एलपी जय सिंह बघेल, केपी पटेल, नरोत्तम पांडेय, एपी सिंह, सतेंद्र मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा, ओपी जायसवाल, एचपी गौतम, सतेंद्र सिंह, अरुण सिंह उपस्थित रहे।