जांच में खुलासा: साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था व कचरा निस्तारण का बजट खपाया, कमीशनबाजी की आशंका
सीधी. जिले में दवा खरीदी के नाम पर एक और घोटाला सामने आया है। बताया गया कि जिम्मेदारों ने यहां सफाई, सुरक्षा व बायोमेडिकल वेस्ट मद से लाखों रुपए की दवा खरीद की है। इसका खुलासा अतिरिक्त संचालक वित्त (स्वास्थ्य सेवाएं) की जांच में हुआ है। उनके मुताबिक, सीधी सहित प्रदेश के पांच जिलों में ऐसी गड़बड़ी की गई है। जिसमें से चार जिलों के सीएमएचओ निलंबित किए जा चुके हैं, किंतु सीधी में कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, सीएमएचओ को पद से हटाकर दूसरी जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग की इस दोहरी कार्रवाई पर स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों पर पक्षपात के आरोप लग रहे हैं।
शासन ने जिले के चिकित्सालयों में साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था व मेडिकल वेस्ट नष्ट करने के लिए प्रति वर्ष बजट उपलब्ध कराती है। सीधी में सीएमएचओ डॉ. वीबी सिंह ने कमीशनखोरी के चलते उक्त बजट से दवा खरीद ली। लिहाजा, इस वर्ष मई तक का बजट शासन से प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद भी 55 लाख 9 हजार 27 रुपए की दवा खरीदी के बिल लगाकर शासन से बजट मांगा गया है। दूसरे मद से दवा खरीदी का बजट मांगने पर संदेह की स्थिति पैदा हुई तो राज्य शासन ने सभी जिलों में जांच शुरू कराई। इसमें सीधी सहित प्रदेश के पांच जिलों अनियमितता सामने आई है।
जांच दल की रिपोर्ट
जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर सीएमएचओ ने पूर्ण रूपेण सफाई के मद से विभिन्न प्रकार की सफाई, सामग्री एवं बायोमेडिकल वेस्ट कलेक्शन मद के 55 लाख 9 हजार 27 रुपए मापदंड दरकिनार कर दवा खरीदी की गई, जो वित्तीय अनियमितता है। साथ ही लेखाशीर्षों का मद परिवर्तन किया गया। सीएमएचओ डॉ. वीबी सिंह इस खरीदी में आवश्यक शर्तों का पालन भी नहीं किया। उनके कार्यालय में न तो क्रय समिति गठित की गई है न ही भंडार क्रय एवं सेवा उपार्जन नियम 2015 मप्र वित्तीय संहिता भाग-1 के नियमों का पालन किया गया। इसके बावजूद निलंबन की बजाय पद छीनकर कार्रवाई के नाम पर इतिश्री कर ली गई।
चार सीएमएचओ निलंबित, सीधी में मेहरबानी
दूसरे मद से दवा खरीदने वाले जिलों में सीधी, हरदा, धार, राजगढ़ व सीहोर जिले शामिल हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो सीधी में 55 लाख 9 हजार 27 रुपए, हरदा में 38 लाख 89 हजार 432 रुपए, धार में 1 करोड़ 2 लाख 20 हजार 690 रुपए व राजगढ़ 98 लाख 54 हजार 991 रुपए, सिहोर 49 लाख 98 हजार 893 रुपए का बजट दवा खरीदी पर खपाया गया। इस पर अपर संचालक स्वास्थ्य सेवाएं मप्र विवेक श्रोत्रिय ने हरदा, धार, राजगढ़ व सिहोर जिले के सीएमएचओ को निलंबित कर दिया, किंतु सीधी सीएमएचओ के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की।
डीएचओ को अतिरिक्त प्रभार
दवा खरीदी फर्जीवाड़े में नाम आने पर स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. वीबी सिंह से सीएमएचओ का प्रभार छीनकर डीएचओ डॉ. आरएल वर्मा को सौंपा है। वह अगले आदेश तक दोहरी जिम्मेदारी संभालेंगे।
18 वर्ष से स्टोर प्रभारी के रूप में जमे मिश्रा
विभागीय सूत्रों के अनुसार, जिला चिकित्सालय में स्टोर विभाग में हर वर्ष जमकर अनियमितता की जाती है। कई बार अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है, किंतु स्टोर प्रभारी आइपी मिश्रा के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है। वर्ष 2000 में नियमों को दरकिनार कर 9 लोगों को स्वास्थ्य विभाग में नियुक्ति दी थी, जिसकी शिकायत पर 8 कर्मचारियों की सेवा वापस कर दी गई थी, किंतु राजनीतिक पहुंच के चलते स्टोर प्रभारी आइपी मिश्रा की नौकरी यथावत है। वर्ष 200 से ही वह स्टोर प्रभारी पद पर पदस्थ है। जहां हर साल नित नए तरीके से फर्जीवाड़े किए जा रहे हैं।