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छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर आधी रात MP पहुंचा हाथियों का झुंड, उजाड़ दिया घर, खा गए अनाज

कुंदौरवासियों ने ली राहत की सांस, अब पोंड़ी में हाथियों का आतंक

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सीधी

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Suresh Mishra

Aug 12, 2018

Herd of elephants strays into Sidhi district madhya pradesh

Herd of elephants strays into Sidhi district madhya pradesh

सीधी। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की सीमा लांघकर जिले की आदिवासी जनपद पंचायत कुसमी अंचल में आए हाथियों के झुंड ने ग्राम पंचायत कुंदौर के बाद शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात से ग्राम पंचायत पोड़ी में तांडव मचाना शुरू कर दिया है। रात में एक यादव परिवार का भरी बरसात में हाथियों ने आशियाना उजाड़ दिया। सालभर के लिए घर में रखा खाद्यान्न भी हजम कर गए। इतना ही नहीं, जाते वक्त अनाज से भरी कुछ बोरियां भी साथ ले गए।

ये है मामला
पीड़ित बब्लू यादव पिता छंदई यादव निवासी मनडोलिया टोला पोड़ी ने बताया कि विगत रात पत्नी व एक नाती के साथ बाहर बनी खुली खपरैल झोपड़ी में सो रहा था। बगल में मवेशी बंधे हुए थे। रात करीब बारह बजे हाथियों का झुंड आया। उन्हें देखकर मवेशी छटपटाने लगे। जंगली जानवर समझकर मंैने डांटा तो हाथियों ने दहाड़ लगाई। टार्च की रोशनी में देखा तो हाथी थे। मैंने पत्नी व नाती को जगाया और दबे पैर घर से दूर जाकर नाती के माध्यम से गांव वालों को संदेश दिलवाया। इससे सैकड़ों लोग आ गए।

मकान को हाथियों ने ध्वस्त कर दिया
पीडि़त ने बताया कि कच्चे मकान को हाथियों ने ध्वस्त कर दिया। वहां रखा पचास किलो चावल, तीस किलो आटा, दाल सहित पूरा अनाज खाते हुए गृहस्थी का सारा सामान मिट्टी में मिला दिया। इसके बाद बगल में बने पीएम आवास के पक्के मकान को हाथियों ने ढहाने का प्रयास किया, लेकिन जब नहीं ढहा पाए तो किबाड़ को लात मारा। इससे कुंडी टूट गई। एक सत्रह वर्षीय नातिन आरती तथा बारह वर्षीय सरोज सो रही थीं। एक किनारे गेहूं के भूसा में धान व गेहूं की बोरियां दबा कर रखी थीं।

हाथी के बच्चे की सूंढ दिखाई दी
आरती व सरोज यादव ने बताया कि दरवाजा की आवाज से आंख खुली तो लगा कि कोई आदमी दरवाजा खोल रहा है। हमने अंदर से धक्का देकर दरवाजा बंद करना चाहा, लेकिन फि र दरवाजा खुला तो देखा सामने हाथी के बच्चे की सूंढ दिखाई दी। तब हम दोनों बहन सांसें थामकर लेटी रहीं। देखा कि हाथी का बच्चा बोरियों को पकड़कर बाहर फेंकता है तथा हाथी दरवाजे की तरफ पीछा कर पास रखी घास खा रहा था। यही मौका देखकर हम दोनों बहनें बिस्तर से उठकर दबे पैर घर से बाहर भागीं। वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा थे।

ये अधिकारी पहुंच मौके पर
सुबह चार बजे वापस जंगल की ओर संजय टाइगर एरिया में घुस गए। ग्रामीणों की सूचना पर वन परिक्षेत्र अधिकारी मड़वास जेसी उइके, बीटगार्ड राजबहोर पटेल, संदीप सोनी, विजय सिंह, हल्का पटवारी राजीव सिंह घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना करते हुए पंचनामा तैयार किया। परिक्षेत्र अधिकारी ने लोगों से अलर्ट रहने व जंगल में प्रवेश न करने की हिदायत भी दी गई है।