एसपी से शिकायत, चुरहट पुलिस ने की कार्रवाई
सीधी। आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों से पुलिस भी सुरक्षित नहीं है। रीवा बस स्टैंड में परिचालक ने तीन महिला आरक्षकों से अभद्रता की है। उनका सामान बस से बाहर फेंक दिया और न टिकट दिया न ही सीधी तक लेकर आया। बल्कि रीवा में ही बस से उतार दिया। जिससे आहत होकर महिला आरक्षकों ने एसपी तरुण नायक को फोनकर घटना की सूचना दी। एसपी के निर्देश पर चुरहट में बस रुकवाकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
ये है मामला
सिटी कोतवाली में पदस्थ प्रधान आरक्षक सरोज रावत, पुलिस लाइन की चेतना सिंह व शिखा पांडेय की विधानसभा सत्र के दौरान भोपाल में ड्यूटी लगी थी। शुक्रवार को वे रेवांचल से रीवा आईं थी। वहां से सीधी आने के लिए स्टैंड पहुंचीं और सांईं ट्रेवल्स की बस (एमपी 17 पी 1610) में टिकट कटाने पहुंची। परिचालक पहले बस में सामग्री रखने के लिए कहा। महिला आरक्षकों ने सामान रखकर टिकट मांगने लगीं। लेकिन उसने नहीं दिया। बस चलने का समय हुआ तब उसने सीट न होने की बात कहकर आरक्षकों का सामान नीचे फेंक दिया। वहीं उनसे अभद्रता पूर्वक बातें करने लगा।
मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई
एसपी के निर्देश पर चुरहट पुलिस ने बस रोककर चेंकिग की। इस दौरान जरूरी दस्तावेज व जरूरी उपकरण न होने पर बस संचालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। चालक संतोष विश्वकर्मा पिता गंगा प्रसाद (30) निवासी रतहरा रीवा व परिचालक अभिमन्यु पिता विंध्वेश्वरी प्रसाद निवासी कैलाशपुरी रीवा के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192ए, 9, 10, 36, 38, 115, 190(2), 146/193 के तहत कार्रवाई की है।
बिना परमिट के दौड़ रही थी बस
महिला आरक्षकों से हुई अभद्रता के बाद बस की जांच की गई तो पता चला कि सांई ट्रेवल्स की इस बस का परमिट महीनों पूर्व समाप्त हो गया है। फिर भी बस बिना परमिट के रीवा से सीधी तक दौड़ाई जा रही है। चुरहट पुलिस के मुताबिक, सांई ट्रेवल्स की बस में क्षमता से ज्यादा यात्री सवार थे। बताया कि 55 सीटर बस में 70 यात्री सवार बैठाए गए थे।