बजट के अभाव में नहीं मिले फायर प्रूफ कपड़े, खेतों में कटी फसल में लग रही आग सीधी. नगर पालिका का फायर विभाग जिलेभर के क्षेत्रों में लगी आग को बुझाता है। सूचना पर फायर विभाग के कर्मी वाहन लेकर निकल जाते हैं। नाममात्र संसाधन से वे धधकती आग के नजदीक पहुंचकर बुझाते हैं। सबसे […]
बजट के अभाव में नहीं मिले फायर प्रूफ कपड़े, खेतों में कटी फसल में लग रही आग
सीधी. नगर पालिका का फायर विभाग जिलेभर के क्षेत्रों में लगी आग को बुझाता है। सूचना पर फायर विभाग के कर्मी वाहन लेकर निकल जाते हैं। नाममात्र संसाधन से वे धधकती आग के नजदीक पहुंचकर बुझाते हैं। सबसे आवश्यक मानी जाने वाली फायर प्रूफ पोशाक इन कर्मियों के पास नहीं है। पालिका ने फायर प्रूफ पोशाक का प्रस्ताव स्वीकृत किया हुआ है, लेकिन फंड की कमी आड़े आ रही है।
आग बुझाते समय दांव पर रहती है जिंदगी
अप्रेल में औसतन हर दिन अग्निकांड के मामले सामने रहे हैं। अप्रेल के पांच दिनों में ८ स्थानों में आग लग चुकी है। मार्च से ही अग्निकांड के मामले बढ़ चुके हैं। औसतन हर दिन दो स्थानों की आग बुझाने पालिका के दो वाहन दौड़ लगा चुके हैं। गौरतलब है कि यह आसपास ही नहीं वरन बहरी, अमिलिया, सिहावल के भी आसपास लगी आग को बुझाने पहुंचते हैं।
खेतों में कटी फसल में लग रही आग
ज्यादातर अग्रिकांड के मामले खेतो में कटी या खड़ी फसल अथवा खलिहान के सामने आए हैं। फायर कर्मियों ने बताया कि गेहूं की सूखी फसल को ज्यादातर बिजली के वायर के नजदीक गहाई के लिए रख देते हैं, जहां शार्ट सर्किट होने पर आगजनी की घटना घटित हो जाती है।
9 कर्मचारी देते हैं दो शिफ्ट में सेवा
फायर विभाग में 9 कर्मचारी दो शिफ्ट के लिए नियुक्त हैं। इनमें 4 ड्राइवर व 5 फायर कर्मी और अन्य हेल्पर तैनात रहते हैं। ये 24 घंटे, किसी भी समय फोन आने पर पानी से भरे एक फायर वाहन को लेकर निकल पड़ते हैं। यदि और जरूरत पड़ी तो अन्य एक वाहनों को भी बुलाया जाता है। इन ड्यूटी दो शिफ्ट सुबह 8 से रात 10 व रात 10 से सुबह 8 बजे तक होती है। पदस्थ कर्मचारियों में चालक बरूणेंद्र कुमार ङ्क्षसह, अजीत ङ्क्षसह चौहान, पुष्पेंद्र साकेत, ज्ञानेश्वर पांडेय व फायरमैंन पद पर पंकज ङ्क्षसह चौहान, साज्ञसेन साकेत, रामनरेश साहू, दीपक प्रसाद बहेलिया, गंगा ङ्क्षसह चौहान पदस्थ हैं।
महंगे हैं कपड़े हैं इसलिए नहीं करा रहे उपलब्ध
हम फायर कर्मियों को गमबूट आदि उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन फायर प्रूफ पोशाक महंगी होने के कारण नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। दीपक प्रसाद बहेलिया, फायर कर्मी