
फोटो सोर्स- पत्रिका
MP News: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन अधिकारियों और कर्मचारियों को लोकायुक्त के द्वारा घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा जाता है। ऐसा ही मामला सीधी जिले से सामने आया है। जहां रीवा लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए एक भू-अर्जन कर्मचारी को 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।
आवेदक शिवबहोर तिवारी ग्राम/पोस्ट सदला जिला सीधी ने बताया कि 23 फरवरी को लोकायुक्त ने रीवा में शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें बताया गया था कि मेरी पत्नी सुशीला तिवारी के नाम दर्ज रकवा 0.0380 हेक्टेयर भूमि है। जो कि सीधी-सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण हेतु शासन ने साल 2012-13 में अधिग्रहित किया था।
आवेदन ने बताया कि जमीन को अधिकारी द्वारा गलत मूल्यांकन किया गया था। जब मैंने मुआवाजा की राशि के भुगतान के संबंध में कलेक्टर कार्यालय सीधी के भू-अर्जन शाखा के जोनल अधिकारी भूपेंद्र पाण्डेय से मिल कर बात की। तब उनके द्वारा कहा गया कि आपकी मुआवाज की राशि 27 लाख रूपये होती हैं। जिसका आधा यानी 13.75 लाख रूपये रिश्वत के रूप में देना होगा। तभी मुआवजे का भुगतान होगा। अन्यथा नहीं होगा।
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के द्वारा सत्यापन कराया। जिसमें आरोपी के द्वारा रिश्वत की मांग करना सही पाया गया। गुरूवार तो टीम गठित कर ट्रैप कार्रवाई की गई। जिसमें जोनल अधिकारी भू-अर्जन भूपेंद्र पाण्डेय को भू-अर्जन शाखा कलेक्टर कार्यालय में शिकायतकर्ता से 1 लाख रूपये लेते रंगे हाथों पकड़ा गया।
आरोपी के विरुद्ध धारा 7 (क)भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया । टीम द्वारा कार्रवाई की जा रही है ।
Updated on:
26 Feb 2026 05:21 pm
Published on:
26 Feb 2026 03:11 pm
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