कलेक्टर ने एनजीटी के आदेश पर 93 गांवों में लागू किया था प्रतिबंधात्मक आदेश
सीधी. रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने कलेक्टर द्वारा लागू की गई धारा-144 बेहसर साबित हो रही है। जिला दंडाधिकारी अभिषेक सिंह ने सोन घडिय़ाल अभयारण्य से सटे जिन 93 गांवों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है, उनमें ही खुलेआम रेत का अवैध परिवहन जारी है। स्थानीय सूत्रों की मानें तो कारोबारी देर शाम सक्रिय होते हैं और अल सुबह तक विभिन्न वाहनों से रेत की तस्करी करते रहते हैं। रेत निकासी में भारी-भरकम मशीनें उपयोग की जाती हैं, जिनसे जल जीवों की जान का खतरा बना हुआ है। स्थानीय पुलिस व विभागीय अफसरों को रेत के इस कारोबार की जानकारी है, इसके बावजूद वे कार्रवाई के लिए तैयार नहीं हैं।
कार्रवाई को तैयार नहीं स्थानीय अमला
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, प्रतिबंधित क्षेत्र व सड़क से कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर, ट्रॉली, ट्रक, डंपर से रेत का परिवहन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक नहीं करेगा। यदि कोई आदेश का उल्लंघन करता है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके सोन नदी के विभिन्न घाटों से रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन जारी है। चुरहट थाना क्षेत्र के राजघाट व दुअरा सहित अन्य घाटों पर पहुंची पत्रिका टीम को जो स्थिति देखने को मिली है, वह बयां करती है कि रेत कारोबारियों ने किस तर सोन नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले में पुलिस व प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध बताई है। बताया कि ग्रामीणों के लगातार विरोध के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है।
एनजीटी ने भी जताई है चिंता
सोन घडिय़ाल अभ्यारण्य क्षेत्र से रेत निकासी को लेकर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा गठित कमेटी भी चिंता जाहिर कर चुकी है। आंकलन रिपोर्ट प्रस्तुत कर बताया है कि प्रतिबंतिध क्षेत्र से हर दिन करीब सवा करोड़ की रेत निकासी की जा रही है। कमेटी ने कलेक्टर को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया था। जिसके बाद ही उन्होंने चिह्नित गांवों में धारा-144 लागू की है। वहीं एनजीटी की सख्ती के बाद चुरहट एसडीएम व एसडीओपी ने रेत तस्करी वाले रास्ते चिह्नित कर पांच प्रमुख स्थानों पर पुलिस व प्रशासन का संयुक्त बैरियर लगाने के लिए प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर के पास भेजा है।
संयुक्त बैरियर लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा है
चुरहट एसडीएम राजेश मेहता ने बताया किसोन नदी के विभिन्न घाटों से रेत का उत्खनन प्रतिबंधित है। रेत तस्करी वाले विभिन्न मार्गों का चिह्नांकन कर संयुक्त बैरियर लगाने का प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा है। पुलिस द्वारा लगातार भ्रमण कर कार्रवाई भी की जाती है।
आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है
सीधी कलेक्टर अभिषेक सिंह बोले, सोन नदी से रेत उत्खनन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। सोन नदी से लगे ९३ गांवों में धारा 144 लागू की है। आवश्यक कार्रवाई के लिए भी निर्देशित किया गया है। रेत परिवहन में लिप्त मिले वाहनों पर कार्रवाई भी की जा रही है।